
Bundi: मृतक किसान और टूटा हुआ तार (फोटो-पत्रिका)
बूंदी। दबलाना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रोणीजा के राजस्व गांव घारधड़ी में रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। खेत के पास बने बाड़े के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर लोहे की तार फेंसिंग पर गिर गया। इससे पूरी फेंसिंग में करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने से किसान महावीर चोपदार (35) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाड़े में बंधी दो गायों को भी करंट लग गया, जिससे उनकी भी मौत हो गई।
एएसआई महेंद्र वर्मा ने बताया कि घारधड़ी निवासी महावीर चोपदार सुबह खेत पर काम कर रहा था। इसी दौरान खेत के पास बने बाड़े के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। बाड़े में लोहे की जाली लगी हुई थी। बिजली का तार जाली पर गिरने से उसमें करंट फैल गया और वहां बंधी दो गाय करंट की चपेट में आ गईं।
गायों को करंट लगने की जानकारी होने पर महावीर दौड़कर बाड़े की ओर गया। जैसे ही वह बाड़े में पहुंचा, वह भी करंट की चपेट में आ गया। हादसे में उसका एक पैर बुरी तरह झुलस गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर लाइनमैन को सूचना दी और बिजली आपूर्ति बंद करवाई।
परिजनों का आरोप है कि हादसे की सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। इसे लेकर परिजनों ने नाराजगी जताई। दुर्घटना के करीब दो घंटे बाद महावीर के शव को हिण्डोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां शव को मोर्चरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शव को हिण्डोली चिकित्सालय की मोर्चरी में पहुंचाने के बाद अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने गांव के आसपास बड़ी संख्या में उगे बबूल के पेड़ों की सफाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
सूचना पर नायब तहसीलदार और हिण्डोली थाना प्रभारी अरविंद भारद्वाज पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से समझाइश की। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से नियमानुसार मिलने वाली सहायता के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
महावीर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी महावीर के कंधों पर थी। वह खेती-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। अचानक हुए हादसे के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने परिवार को आर्थिक संकट में भी डाल दिया है।
'किसान की करंट से मृत्यु हो गई है,उसके शव को हिण्डोली चिकित्सालय ले जाया गया। जहां पर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।' -महेंद्र वर्मा, सहायक पुलिस उप निरीक्षक दबलाना
'तार टूटने के कारण यह हादसा हुआ है। नियमानुसार विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को 5 लाख रुपए का मुआवजा और 20 हजार रुपए प्रति गोवंश का मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।' -शशिकांत जांगिड़, सहायक अभियंता, विद्युत वितरण निगम, दबलाना
Updated on:
20 Sept 2026 04:52 pm
Published on:
20 Sept 2026 04:49 pm
