बूंदी

मार्च कराएगा सभी को ‘मार्च’…आखिर कैसे पढ़िए यह ख़बर

इस मंथ स्टूडेन्ट्स से लेकर व्यापारी, सीए, बैंक कर्मचारी, टीचर सभी के लिए टेंशन
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Updated: 6 Mar 2018, 2:55 PM IST
Bank employees have to work more due to financial year march

बूंदी. मार्च महिने की शुरूआत हो गई है। यह मार्च कई लोगों को मार्च
करवाने वाला है। इस मंथ स्टूडेन्ट्स से लेकर व्यापारी, सीए, बैंक कर्मचारी, टीचर सभी के लिए टेंशन रहती है। जिसके कारण सभी के काम के घंटे बढ़ जाते है। वित्तीय वर्ष होने के कारण बैंक कर्मचारियों को अधिक काम करना पड़ता है।

देना पड़ता है अधिक समय-

सालभर के महिने आसानी से कट जाते है, लेकिन जैसे ही मार्च का महिना शुरू
होता है। सबकी दिक्कते बढ़ जाती हैै। एग्जाम शुरू हो जाने से जहां स्टूडेन्ट्स पढ़ाई में व्यस्त हो जाते है। 10-10 घंटे पढ़ाई करते है। तो टीचर की परीक्षा में ड्यूटि लगने के कारण अतिरिक्त समय देना पड़ता है और फिर रिवेल्युएशन भी।

मार्च में सभी वर्ग का टेंशन पूरे वर्ष की तुलना में अधिक रहता है। व्यापारी की बात करे तो उनके लिए यह महिना भी होच पोच वाला हो जाता है। अकाउटेंट्स के यहां टैक्स भरने वालों की लाइन लग जाती है।

सभी वर्ग प्रभावित-

विद्यार्थी- एग्जाम के कारण पढ़ाई का अधिक बोझ रहता है। अमूमन जो बच्चे
४-५ घंटे पढ़ाई करते है एग्जाम के चलते वे १० घंटे तक पढ़ाई करते है।
पैरेंट्स- जिनके बच्चे एग्जाम दे रहे वे वे पैरेंट्स अधिक बिजी हो जाते
है। इसके साथ ही जिनके बच्चों का एडशिन होता है। वे भी स्कूल की तलाश
में जुट जाते है।

सीए- वित्तिय वर्ष का आखिरी महिना होने के कारण मार्च में टैक्स रिर्टन
फाइल करने वालों की सख्ंया बढ़ जाती है। इसके साथ ही खातो को ऑडिट भी
करवाते है जिसके कारण सीए को ओवरटाइम करना पड़ता है। आलम यह है कि सीए ऑफिस में देर रात तक काम करते है।

व्यापारी- स्टॉक खत्म करने के लिए व्यापारी तरह तरह की स्कीम चलाते है।
जिससे स्टॉक जमा न हो। स्टॉक क्लियरेंस करने की मशक्कत करनी होती है।
बैंक कर्मचारी- वित्तीय वर्ष खत्म होने के कारण बैंको में सबसे ज्यादा
टाइम बैंक कर्मचारियों को देना पड़ता है। किसी को १२माह का स्टेंटमेंट
चाहिए होता है कई कामो को लेकर कर्मचारी उलझे रहते है।

बैंक अधिकारी एच.पी मीणा ने बताया की वित्तीय वर्ष की एडिंग के कारण काम का बोझ तो बढ़ ही जाता है। कम्प्यूटराइजेशन के कारण कुछ हद तक तो राहत मिली है लेकिन शासकीय योजनाओं में बजट माह होने के कारण सभी विभाग द्वारा एडजस्ट किया जाता है। जिसका बर्डन बढ़ जाता है। और बैंको में देर तक काम करना पड़ता है।

सीए सत्यवान शर्मा ने बताया की सीए को फाइनेशियल ईयर एंड होने के कारण सभी कंपनीज के फायनेशियल स्टेटमेंट अकाउ़ंट्स फाइनल करना होता है। यह एडवांस टेक्स जमा करने का अंतिम महिना होता है। और स्टॉक ऑडिट भी ३१ मार्च तक की होती है। बैंक ऑडिट में एंटरीज फाइनल करनी होती है। क्यौकि एक अप्रेल से वित्तीय वर्ष शुरू हो जाती है।

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