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राजस्थान को जल्द मिलेगी नए एयरपोर्ट की सौगात, अंतिम चरण में चारदीवारी का काम, 3200 मीटर लंबा बनेगा रनवे

Kota-Bundi Greenfield Airport: 1507 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हाड़ौती के लिए विकास का नया रास्ता खोलेगा। एयरपोर्ट पर 3200 मीटर लंबा रनवे और 20 हजार वर्ग मीटर का आधुनिक टर्मिनल भवन प्रस्तावित है। चारदीवारी का काम अंतिम चरण में है और अक्टूबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।
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बूंदी

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Kamal Mishra

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Updated: 31 Oct 2026, 5:26 PM IST

Kota-Bundi Greenfield Airport

Kota-Bundi Greenfield Airport: सांकेतिक तस्वीर-एआई

बूंदी। राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ा है। कोटा-बूंदी के शंभूपुरा में निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की चारदीवारी का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 1507 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से कोटा, बूंदी और आसपास के जिलों के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलने का रास्ता साफ होगा। परियोजना को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में अब क्षेत्रवासियों की निगाहें रनवे और आधुनिक टर्मिनल भवन के निर्माण पर टिकी हैं।

शंभूपुरा एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार यहां 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया जाएगा। इस रनवे के जरिए बड़े यात्री विमानों के संचालन के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 20 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में आधुनिक टर्मिनल भवन भी प्रस्तावित है। इसमें यात्रियों के आगमन, प्रस्थान और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। चारदीवारी का काम पूरा होने के बाद परियोजना के अगले चरणों में रनवे, टर्मिनल भवन और एयरपोर्ट से जुड़ी अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण अहम रहेगा।

440 हेक्टेयर जमीन पर विकसित हो रहा एयरपोर्ट

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास और भूमि पूजन 7 मार्च 2026 को किया गया था। इसके लिए करीब 440 हेक्टेयर यानी लगभग 1088 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। करीब 1507 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से विकसित होने वाला यह एयरपोर्ट हाड़ौती क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

दिसंबर 2027 में हवाई सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य

परियोजना के लिए अक्टूबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, पहले सामने आई समय-सीमा के अनुसार दिसंबर 2027 तक हवाई सेवाएं शुरू करने की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि, निर्माण पूरा होने के बाद तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा जांच और विमानन नियामक एजेंसियों से जरूरी मंजूरियां लेना भी अनिवार्य होगा। ऐसे में नियमित उड़ानों की शुरुआत इन प्रक्रियाओं की समय पर पूर्ति पर निर्भर करेगी।

पर्यटन, शिक्षा और कारोबार को मिलेगा फायदा

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट शुरू होने से हाड़ौती के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। कोटा देशभर में कोचिंग और उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। वहीं बूंदी अपने ऐतिहासिक किलों, महलों, बावड़ियों और पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। हवाई संपर्क मिलने से विद्यार्थियों, अभिभावकों, पर्यटकों, कारोबारियों और उद्योग जगत को आवागमन में सुविधा होगी।

इसके अलावा क्षेत्र में निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। फिलहाल चारदीवारी का काम अंतिम चरण में पहुंचना परियोजना की प्रगति का अहम पड़ाव है। अब सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समय-सीमा में रनवे, टर्मिनल और अन्य सुविधाओं का निर्माण पूरा कर हाड़ौती को हवाई सेवाओं से जोड़ने की होगी।

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