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Bundi News : विदेशी पावणों के दिल में बसी छोटी काशी, हाड़ौती में पहले नंबर पर मारी बाजी

हाड़ौती की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती को देखने के लिए देशी-विदेशी पर्यटकों का रुख लगातार बढ़ रहा है। लेकिन विदेशी मेहमानों के आकर्षण की बात करें तो छोटीकाशी बूंदी ने पूरे हाड़ौती में अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां के किले-महल, ऐतिहासिक बावडिय़ां और पारंपरिक कला-संस्कृति विदेशी पर्यटकों को खूब लुभा रही हैं।
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बूंदी

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Narendra Agarwal

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Updated: 1 Nov 2026, 12:23 PM IST

chhoti kashi'—enshrined in the hearts of foreign visitors

बूंदी. रानीजी की बावड़ी पर सेल्फी लेते विदेशी पर्यटक।

बूंदी. हाड़ौती की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती को देखने के लिए देशी-विदेशी पर्यटकों का रुख लगातार बढ़ रहा है। लेकिन विदेशी मेहमानों के आकर्षण की बात करें तो छोटीकाशी बूंदी ने पूरे हाड़ौती में अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां के किले-महल, ऐतिहासिक बावडिय़ां और पारंपरिक कला-संस्कृति विदेशी पर्यटकों को खूब लुभा रही हैं। अक्टूबर की गुलाबी ठंड के साथ ही पर्यटन सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है।गढ़ पैलेस की प्राचीरों पर विदेशी भाषाओं की गूंज सुनाई देने लगी है तो ठीकरदा गांव में कुम्हारों के चाक की रफ्तार भी बढ़ गई है। हाड़ौती में वर्ष 2025 और 2026 में अब तक कुल 28 लाख 41 हजार देशी और 17 हजार 59 विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें वर्ष 2025 में 17.73 लाख देशी और 10,617 विदेशी पर्यटक आए थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 10.68 लाख देशी और 6,442 विदेशी पर्यटक हाड़ौती की सैर कर चुके हैं। खास बात यह है कि विदेशी पर्यटकों की पसंद में बूंदी सबसे आगे है। हाड़ौती में आने वाले विदेशी पर्यटकों में 86 प्रतिशत से अधिक ने बूंदी को अपनी पर्यटन मंजिल बनाया।

बेल्जियम के टॉम बोले-बूंदी में सुकून है, यही असली इंडिया

बूंदी की गलियों में इन दिनों यूके, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम से आए पर्यटकों के समूह नजर आ रहे हैं। पर्यटक रानीजी की बावड़ी की स्थापत्य कला को कैमरों में कैद कर रहे हैं तो गढ़ पैलेस में इतिहास के पन्ने तलाश रहे हैं। यहां की सैर के बाद उनका अगला पड़ाव ठीकरदा पॉटरी विलेज बन रहा है। गांव में काली मिट्टी से तैयार बर्तनों और पारंपरिक शिल्पकला को देखकर विदेशी मेहमान खासे उत्साहित हैं। बेल्जियम से बच्चों के साथ आए टॉम को बूंदी की ऐतिहासिक विरासत और शांत वातावरण ने खासा प्रभावित किया। उनका कहना है कि बूंदी में सुकून है, यह असली इंडिया है। पर्यटन गाइड जोङ्क्षगदर ङ्क्षसह और नरेंद्र ङ्क्षसह के अनुसार सितंबर में 419 और अक्टूबर में 600 से अधिक विदेशी पर्यटक बूंदी पहुंच चुके हैं। नवंबर में बूंदी महोत्सव आयोजित होने से पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।

ठीकरदा में चाक से घूम रही अर्थव्यवस्था

बूंदी का पर्यटन अब केवल किले-महलों तक सीमित नहीं रह गया है। शहर से कुछ दूरी पर स्थित ठीकरदा पॉटरी विलेज विदेशी पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन रहा है। यहां काली मिट्टी से पारंपरिक बर्तन बनाने की कला को देखने और समझने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं। कुम्हारों के चाक पर आकार लेते बर्तन विदेशी मेहमानों को खासे पसंद आ रहे हैं। पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही होटल, गाइड, ऑटो चालक, दुकानदार और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबारियों के चेहरे खिलने लगे हैं। बाजारों में पर्यटकों की आवाजाही बढऩे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

नवंबर में बूंदी महोत्सव से बढ़ेगी रौनक

पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही बूंदी में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढऩे लगी है। नवंबर में आयोजित होने वाले बूंदी महोत्सव से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन सर्किट बने तो बदल सकती है तस्वीर

हाड़ौती में पर्यटन की संभावनाएं किसी एक जिले तक सीमित नहीं हैं। बूंदी के किले-बावडिय़ां, कोटा की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत, झालावाड़ के मंदिर और गढ़ तथा बारां के वन एवं प्राकृतिक स्थल मिलकर एक बड़ा पर्यटन सर्किट बना सकते हैं। रामगढ़ से मुकुंदरा होते हुए झालावाड़, बारां और कोटा को बूंदी से जोडऩे की दिशा में प्रयास हों तो पर्यटकों का ठहराव बढ़ सकता है। इससे विदेशी पर्यटकों को भी एक ही यात्रा में हाड़ौती की विविध विरासत देखने का अवसर मिलेगा।

देशी पर्यटकों में कोटा आगे, विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बूंदी

पर्यटन विभाग के आंकड़ों में हाड़ौती के चारों जिलों की अलग-अलग तस्वीर सामने आती है।
बूंदी : वर्ष 2025 में 7 लाख 21 हजार 165 भारतीय और 9,204 विदेशी पर्यटक पहुंचे। वर्ष 2026 में अक्टूबर तक 3 लाख 20 हजार 400 भारतीय और 4,903 विदेशी पर्यटक आ चुके हैं।
कोटा : वर्ष 2025 में 10 लाख 15 हजार 223 भारतीय और 1,413 विदेशी पर्यटक आए। वर्ष 2026 में सितंबर तक 6 लाख 52 हजार 381 भारतीय और 1,539 विदेशी पर्यटक पहुंचे।
झालावाड़: वर्ष 2025 में 15,697 भारतीय पर्यटक आए। वर्ष 2026 में अगस्त तक यह संख्या 80,481 रही।
बारां : वर्ष 2025 में 21,403 भारतीय और वर्ष 2026 में अगस्त तक 15,580 भारतीय पर्यटक पहुंचे।

दो माह में करीब एक हजार विदेशी पर्यटक बूंदी पहुंच चुके हैं। पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। नवंबर में बूंदी महोत्सव के दौरान पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।
प्रेमशंकर सैनी, पर्यटन अधिकारी, बूंदी