बूंदी

Rajasthan: आठ साल के बालक ने लगाई गुहार, ‘कृपया मेरी दोस्त की शादी रुकवा दीजिए…वो अभी बहुत छोटी है’

Bundi child marriage : बूंदी जिले में 8 वर्षीय एक बालक ने चाइल्ड लाइन हेल्प नम्बर 1098 पर फोन कर अपनी ही उम्र की एक बालिका के बाल विवाह को रुकवाने के लिए मदद मांगी।
2 min read
• •
Updated: 19 Apr 2026, 5:19 PM IST
child marriage
सांकेतिक तस्वीर

Bundi child marriage : बूंदी जिले में 8 वर्षीय एक बालक ने चाइल्ड लाइन हेल्प नम्बर 1098 पर फोन कर अपनी ही उम्र की एक बालिका के बाल विवाह को रुकवाने के लिए मदद मांगी। कृपया मेरी दोस्त की शादी रुकवा दीजिए, वो अभी बहुत छोटी है। हम साथ खेलते हैं, स्कूल जाते हैं। उसे शादी नहीं करनी। उसे पढ़ना है।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर ने बताया कि सूचना मिलते ही केस वर्कर अर्चना मीणा के साथ मौके पर पहुंचे। वहां जाने पर पता चला कि कक्षा 5 में पढ़ने वाली 8 साल की मासूम का विवाह बड़ी धूम धाम से किया जा रहा था। मासूम के साथ 16 वर्षिय बालिका का भी बाल विवाह साथ में किया जा रहा था।

सूचना पर दबालाना थाना अधिकारी ने बाल विवाह रोकथाम में तुरंत मदद करते हुए दोनों बालिकाओं को चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ बालिका समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों बालिकाओं को सुरक्षित अस्थाई आश्रय दिया गया।

वहीं सदर थाना क्षेत्र में दो किशोरी का विवाह 15 एवं 21 वर्ष के युवकों के साथ किया जा रहा था। इस पर तहसीलदार अर्जुन मीणा द्वारा कार्रवाई करते हुए संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से निषेधाज्ञा जारी करवाई गई, जिससे दोनों बाल विवाह रुकवाए गए। दोनों बालिकाएं कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्राएं हैं, जबकि एक बालक कक्षा 10वीं का विद्यार्थी है।

इसी प्रकार, बूंदी के एक अन्य क्षेत्र में कक्षा 10वीं की एक नाबालिग का विवाह 28 वर्षीय युवक के साथ किया जा रहा था, जिस पर भी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा निषेधाज्ञा जारी कर रोक लगाई गई। इस कार्रवाई में चाइल्डलाइन के कार्मिक रवि कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

16 वर्षीय किशोरी ने खुद रुकवाया था बाल विवाह

बता दें कि जिले के एक थाना क्षेत्र में कक्षा 12वीं में पढ़ रही किशोरी ने न सिर्फ अपने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि खुद आगे आकर उसे रुकवाकर एक मिसाल पेश की। उसने साफ कहा था कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती और अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। इस निर्णय के बाद उसने फिलहाल माता-पिता के पास रहने से भी इंकार कर दिया। जानकारी के अनुसार किशोरी का विवाह 1 मई को खानखेड़ा सम्मेलन में तय किया गया था। लेकिन उसने हिम्मत और दृढ़ संकल्प दिखाते हुए अलग-अलग स्तर पर संपर्क किया और अपने बाल विवाह को रुकवाने में सफल रही।

Updated on:
19 Apr 2026, 5:19 PM IST
Published on: