बूंदी

बूंदी जिला अस्पताल में आईसीयू तक पहुंचते-पहुंचते उखड़ रही सांसें

बूंदी. ब्लड प्रेशर बढऩे व हृदय रोग पीडि़त को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) तक पहुंचाते-पहुंचाते तो परिजन भी लडखड़़ाने लगते हैं।

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Mar 05, 2018

बूंदी. ब्लड प्रेशर बढऩे व हृदय रोग पीडि़त को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) तक पहुंचाते-पहुंचाते तो परिजन भी लडखड़़ाने लगते हैं। यहां जिला अस्पताल में मरीज का तो क्या हाल होता होगा, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उसका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, सांसें उखडऩे लगती है। ऐसा लगता है जैसे शरीर से प्राण निकलने वाले हैं। हांफते-हांफते जैसे-तैसे आईसीयू तक पहुंचना रोगियों की जान पर बन जाता है। आईसीयू में उपचार के लिए रोगियों को अपनी जान संकट में डालनी पड़ रही है। यह हाल जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के हैं। जहां जीवन देने वाली आपातकालीन इकाई (आईसीयू) ही जानलेवा साबित होने लगी है। यहां पर आईसीयू की सुविधा लोगों के लिए दुविधा बन चुकी है। या फिर यूं कहें की भवन का विस्तार होने के बाद अस्पताल आईसीयू अंतिम छोर पर स्थापित हो गया। जहां पर गंभीर रोगियों का आसानी से पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कई बार तो आईसीयू तक पहुंचने के दौरान ही रोगी की मौत तक हो जाने के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में आमजन आईसीयू यूनिट की दूरी को हर समय कोसता रहता है। फिर भी चिकित्सा महकमे का इस ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा।

‘पत्रिका’ ने मापी दूरी
जिलेभर से आने वाले गंभीर रोगी सबसे पहले जिला अस्पताल के ट्रोमा वार्ड पहुंचते हैं। यहां से ही गंभीर रोगी आईसीयू तक जाता है। ऐसे में पत्रिका टीम ने ट्रोमा वार्ड मुख्य द्वार से आईसीयू तक की दूरी का माप करवाया। इस दौरान ट्रोमा वार्ड से आईसीयू की दूरी 242.50 मीटर निकली। कदम चाल की बात करें तो ट्रोमा से आईसीयू तक लगभग 325 कदम नापे गए। जबकि हृदय रोगी को चिकित्सक एक कदम नहीं चलने की सलाह देते हैं।

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भर्ती होते हैं सैंकड़ों रोगी
जिला अस्पताल में गंभीर श्रेणी के सैंकड़ों रोगी उपचार के लिए आते हैं। वर्ष 2017 में जनवरी से दिसम्बर तक 465 रोगी आईसीयू में भर्ती हुए। वहीं 2016 में कुल 440 रोगी आईसीयू तक पहुंचे। ऐसे में प्रति वर्ष बड़ी संख्या में आईसीयू में रोगी उपचार के लिए आ रहे हैं।

सबकी एक ही मांग खत्म हो दूरी
आईसीयू उपचार के आने वाले रोगी व परिजनों की एक ही मांग है। सभी को आईसीयू की दूरी से निजात चाहिए। आमजन की मंशा यही है कि हर हाल में जिला अस्पताल का आईसीयू वार्ड ट्रोमा वार्ड के नजदीक बने।इतनी लंबी दूरी रोगी के जीवन के लिए संकट पैदा करने वाली साबित हो रही है।

आंकड़ों की हकीकत
- आईसीयू में भर्ती रोगी वर्ष 2017 - 465
- उपचार के दौरान मौत - 60
- रैफर रोगी - 110
- आईसीयू में भर्ती रोगी वर्ष 2016 - 440

यह है दूरी
- ट्रोमा से आईसीयू की दूरी - 242.50 मीटर
- कदम चाल से दूरी- 325

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Published on:
05 Mar 2018 12:51 pm
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