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राजस्थान में 17 जिलों की किस्मत बदलने वाली ‘परियोजना’ का CM भजनलाल ने किया निरीक्षण, किसानों की भी होगी बल्ले-बल्ले

Rajasthan Water Project: बूंदी में सीएम भजनलाल शर्मा ने गुहाटा गांव में राम जल सेतु लिंक परियोजना के तहत बन रहे चंबल एक्वाडक्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे महत्वाकांक्षी बताते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए।

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बूंदी

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Arvind Rao

Apr 08, 2026

CM Bhajanlal Sharma Inspects Chambal Aqueduct of Ram Jal Setu Link Project in Bundi Pushes Timely Completion

सीएम भजनलाल शर्मा समेत अन्य लोग निरीक्षण करते हुए (फोटो- पत्रिका)

Ramjal Setu Link Project: बूंदी: सीएम भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील स्थित गुहाटा गांव पहुंचकर राम जल सेतु लिंक परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है।

बता दें कि इस परियोजना के माध्यम से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही प्रदेश की लगभग 40 फीसदी आबादी इससे लाभांवित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो।

सीएम शर्मा ने कहा कि चंबल एक्वाडक्ट राम जल सेतु लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे में अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने परियोजना की प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कुल लंबाई 2 हजार 280 मीटर

इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चंबल एक्वाडक्ट कोटा के पीपल्दा समेल गांव तथा बूंदी के गुहाटा गांव के मध्य चंबल नदी पर बनाया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई दो हजार 280 मीटर है। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि एक्वाडक्ट का निर्माण 5060 पाइलों एवं 77 पाइल कैपों पर किया जाएगा। एक्वाडक्ट में औसतन 384 गोलाकार पीयरों का निर्माण होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्वाडक्ट पीयर का पूजन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट साइट पर राम जल सेतु लिंक परियोजना के निर्माण कार्यों को लेकर तैयार की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

450 पिलर होंगे खड़े

अभी इस प्रोजेक्ट में पिलर का निर्माण कार्य चल रहा है। एक्वाडक्ट बनाने में नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह ढांचा ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाला होगा। पिलर और पानी ले जाने वाली संरचना (ट्रफ) को साइट पर बनाने की बजाय पहले से तैयार करके यहां लाकर फिट किया जाएगा।

यह एक्वाडक्ट एक सेकेंड में ढाई सौ क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड तक पानी ले जा सकेगा। इसके लिए 5060 मजबूत नींव पर 450 पिलर खड़े किए जाएंगे और इनके ऊपर 76 हिस्सों में ट्रफ रखी जाएगी। यह प्रोजेक्ट राजस्थान में पानी की व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देगा।

8 मीटर चौड़ाई में सड़क भी

इस एक्वाडक्ट की खासियत यह भी है कि इसके समानांतर 8 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही है, जिससे वाहन भी आसानी से गुजर सकेंगे। यह इंफ्रास्ट्रक्चर पानी प्रवाह के साथ-साथ सड़क संपर्क को भी मजबूत करेगी।

क्या होता है एक्वाडक्ट

एक्वाडक्ट एक ऐसी विशेष संरचना है, जिसके जरिए पानी को नदी, घाटी या अन्य अवरोध के ऊपर से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है। आमतौर पर इसका उपयोग नहरों या जल परियोजनाओं में किया जाता रहा है, ताकि पानी बिना रुकावट अपने गंतव्य तक पहुंच सके।

3.25 करोड़ लोगों की बदलेगी किस्मत

सीएम भजनलाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना को मिशन मोड पर पूरा किया जाए। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के पहले चरण से राजस्थान के 17 जिलों की लगभग 3 करोड़ 25 लाख आबादी को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध होगा। पेयजल के साथ-साथ यह योजना खेती और औद्योगिक क्लस्टर्स के लिए भी जल का प्रबंध करेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

इससे पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार सहित परियोजना से जुड़े अधिकारीगण मौजूद रहे।