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Bundi : उधारी के कार्मिक चला रहे हैं नगरपालिका का काम

नगर पालिका हिण्डोली के तीन वर्ष से संचालित होने के बावजूद यहां एक भी पद सृजित नहीं हो सका है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पालिका में अन्यत्र से प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी कार्य देख रहे हैं, जबकि अन्य कार्मिक संविदा पर कार्यरत हैं। तीन वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत को नगरपालिका में क्रमोन्नत किया गया था, जिससे कस्बे व राजस्व गांवह/वें के विकास की उम्मीद थी।

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hindoli nagar palika

हिण्डोली. नगरपालिका भवन।

हिण्डोली. नगर पालिका हिण्डोली 3 वर्षों से संचालित होने के बाद भी यहां पर एक भी पद सृजित नहीं होने से नगरपालिका के विकास कार्य को ग्रहण लगा हुआ है। यहां पर उधार से लिए अधिकारी कार्य को अंजाम दे रहे हैं। 3 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत नगरपालिका में क्रमोन्नत हुई थी। उसके बाद कस्बे के लोगों को पंख लगे थे कि हिण्डोली नगरपालिका कस्बा सहित राजस्व गांवों का विकास होगा, लेकिन 3 वर्ष होने के बाद भी राजस्व गांव विकास के लिए तरस रहे हैं।

यहां पर राज्य सरकार द्वारा अन्यत्र स्थान से तीन अधिकारी लगा रखे हैं। अन्य कार्मिक संविदा पर कार्य करते हैं। ऐसे में स्थायी कार्मिक नहीं होने से निर्णय लेने में भी परेशानी होती है। सडक से सिघाडी रोड़, त्रिवेणी चौक, बाबा हाड़ा के मोहल्ले में जाने वाले मुख्य रास्ते पर लोग वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। दुर्घटना का अंदेशा रहता है। यह कार्य रोज का है। ट्रैफिक पुलिस के जवान भी यहां कोई राहत नहीं पहुंचाते हैं।

दमकल न अन्य संसाधन उपलब्ध

नगरपालिका रनिंग में आए तीन साल होने के बाद भी दमकल की सुविधा नहीं है। कस्बे सहित क्षेत्र के गांवों में आगजनी होने पर बूंदी या देवली से दमकल बुलानी पड़ती है, जिसे आते आते घंटे लग जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि यहां पर जल्द से जल्द दमकल की सुविधा होनी चाहिए।

विकास को तरसता कस्बा व गांव

कस्बे में पुराने एनएच 12 के दोनों और सडक़ से नाले के बीच इंटरलॉङ्क्षकग, नालों की सफाई व मरम्मत, नालों का ढकान नहीं हो रहा है, जिससे कस्बे के बाजार में वाहन चालक वाहनों को सडक़ पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे परेशानी हो रही है। वहीं दौंडूदा, हनुमान का झोपड़ा, बाबाजी का बरडा, खाटी आतरी, मांदोलिया का बरड़ा सहित कई स्थानों पर विकास की दरकार है। यहां सार्वजनिक लाइटें, पानी के लिए पाइपलाइन सुविधा नहीं है।

सड़क किनारे रख देते हैं सामान

कस्बे के मुख्य बाजार में दुकानदारों ने सडक़ किनारे सामान रखना शुरू कर दिया है, जिससे यहां की सडक़ छोटी पडऩे लगी है। विडंबना इस बात कि है कि बाजार का रखरखाव कौन करे। यहां पर एक भी कार्मिक का पद सृजित नहीं है।