छोटी काशी में 10 दिन से इंटरनेट सेवाएं ही क्या प्रभावित हुई मानो जनजीवन थम सा गया
बूंदी.डिजिटल इंडिया का सपना संजोए पीएम हर हाथ में एंड्रॉयड फोन थमाना चाहते है, तो सरकारी विभागों को पारदर्शिता व आसान बनाने के लिए ऑनलाइन लेकिन छोटी काशी में यह क्या यहां तो 10 दिन से इंटरनेट सेवाएं ही क्या प्रभावित हुई मानो जनजीवन थम सा गया। सरकारी महकमों में अधिकारी से लेकर कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे है, विद्यार्थी का भविष्य संकट में है। इंटरनेट 10 दिन से ठप होने से आठवें दिन रहा ठप, संकट में आया ऑनलाइन लेन-देन नहीं हो पा रहा है तो छात्र आवेदन नही कर पा रहें।
5 जनवरी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सेमेस्टर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि थी। जिले में इंटरनेट सेवा बंद होने से बड़ी संख्या में छात्र आवेदन करने से चूक गए। छात्रों के भविष्य को लेकर यहां कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई। साथ ही छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन भी नहीं किए जा रहे। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ेगा। इधर, इंटरनेट के जरिए होने वाला लेन-देन भी बंद है। इसका सीधा असर अब कारोबार पर दिखाई पडऩे लगा है। जिले के कई सरकारी कार्यालय और ग्राम पंचायतों में भी इंटरनेट सेवा के कारण कई काम अटक गए। निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। जिले में अब हर कोई इंटरनेट सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहा है। जिले में इंटरनेट बंद होने से करोडा़े का नुकसान हो गया।
उल्लेखनीय है कि बूंदी में मानधाता छतरी पर आयोजन के मामले में जिला प्रशासन ने 31 दिसम्बर की सुबह 6 बजे से इंटरनेट सेवा को बंद करा दिया था। इसके बाद से ही लगातार इस सेवा पर पाबंदी लगी हुई है।
ऑन लाइन व्यवस्था ठप
अब अधिकतर कार्य ऑन लाइन किए जाते हैं। जिनमें सरकारी महकमों की ऑन लाइन निविदा प्रक्रियाएं भी महत्वपूर्ण है। इंटरनेट नहीं चलने से ऑन लाइन निविदा प्रकियाएं भी जारी नहीं हो पा रही है। यदि जारी हो भी रही है तो आमजन के पास इंटरनेट सुविधा नहीं होने से ठेकेदारों को उसकी जानकारी नहीं मिल पा रही।
ई-मित्र बंद, कैसे हों काम
इंटरनेट बंद होने से सभी ई-मित्र बंद हो गए। सरकार ने आमजन से जुड़े सभी कार्य ई-मित्र से शुरू कर रखे हैं। ऐसे में अब इंटरनेट नहीं चलने से ई-मित्रों पर लोगों के राशन कार्ड बनाने से लेकर सभी आवश्यक काम नहीं हो रह। सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
बेजान हो गए मोबाइल
इंटरनेट बंद होने से मोबाइल भी बेजान हो गए। दिनभर संदेशों से घनघनाते मोबाइलों की आवाज मानों बंद सी हो गई। लोगों के मोबाइलों में नेट नहीं चलने से सोशल साइटों पर लोगों की मौजूदगी भी नहीं है। जिला दूर संचार प्रबंधक, बी.के. अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश पर इंटरनेट सेवा बंद थी लेकिन अब निर्देश मिलने के बाद बहाल की जा रही है।