घुमन्तु जाति कालबेलिया के परिवारों को आशियाना बनाने के लिए जिला कलक्टर द्वारा नैनवां में आवंटित भूमि पर नगरपालिका दस वर्ष बाद भी पट्टे जारी नही कर पाई।
नैनवां. घुमन्तु जाति कालबेलिया के परिवारों को आशियाना बनाने के लिए जिला कलक्टर द्वारा नैनवां में आवंटित भूमि पर नगरपालिका दस वर्ष बाद भी पट्टे जारी नही कर पाई। पट्टे जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेश घुमन्तु जाति परिषद के तत्वावधान में कालबेलिया जाति के लोगों ने नगरपालिका कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन से पूर्व गोशाला के पास स्थित कालबेलिया बस्ती में घुमन्तु जाति के परिवारों की बैठक हुई। बैठक के बाद समाज के पांच सौ से अधिक लोग रैली के साथ शाम चार बजे नगरपालिका कार्यालय पर पहुंचे और अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परिषद के अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने बताया कि दस वर्ष बाद भी परिवारों को आवंटित भूमि पर पट्टे जारी नही किए जा रहे। मांग को लेकर दस फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। पट्टे जारी नही किए तो 15 दिन बाद नगरपालिका पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिलाध्यक्ष सुगना बाई, ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुलाल कालबेलिया सहित अन्य लोग शामिल थे।
ऐसे उलझा रखा मामला
जिला कलक्टर द्वारा आवंटित भूमि की नगरपालिका की पत्रावलियों को खंगाला तो राजस्व विभाग द्वारा आवंटित भूमि के एक ही खसरा नम्बर को अपने सीमाज्ञान में अलग-अलग स्थानों पर बता दिया। राजस्व विभाग ने पहले सीमाज्ञान में जिला कलक्टर द्वारा आवंटित भूमि बताकर घुमन्तु जाति के परिवारों को वहां बसा दिया।
बसाने के बाद बस्ती में बिजली भी पहुंचा दी, पानी के लिए नलकूप भी लगा दिया।जब प्रशासन शहरों के संग अभियान में घुमन्तु जाति के परिवारों को पट्टे जारी करने का समय आया तो राजस्व विभाग ने दूसरे सीमाज्ञान में आवंटित भूमि को दूसरे स्थान पर बता दिया। राजस्व विभाग द्वारा एक ही खसरा नम्बर को दो सीमाज्ञानों में अलग जगह बताकर उलझा दिए जाने से घुमन्तु परिवारों को भूमि के दस वर्ष बाद पट्टे नहीं मिल पा रहे।
घुमन्तु परिवारों को बसाने के लिए जिला कलक्टर ने 25 मई 2016 को नगर रोड पर खसरा संख्या 661/1 में पांच बीघा भूमि आवंटित करने के बाद राजस्व विभाग व नगरपालिका के अधिकारियों ने उस समय भूमि का सीमाज्ञान कर भूमि चिन्हित कर घुमन्तु परिवारों को जो भूमि सुपुर्द की थी, उस भूमि पर तिनका-तिनका जोडक़र अपने आशियाने भी खड़े कर लिए। आशियाने खड़े करने के बाद से ही जिला कलक्टर के पट्टे जारी करने के आदेश की पालना में घुमन्तु जाति के परिवारों को पट्टे जारी करने के लिए नगरपालिका ने सर्वे करवाकर सूची भी तैयार कर ली।
पट्टे मिलने की घड़ी आई तो राजस्व विभाग ने दोबारा सीमाज्ञान कर जिस खसरा नम्बर 661/1 को दूसरे स्थान पर बताकर भूमि विवादित बना दिया। जबकि आवंटित भूमि पर निशुल्क पट्टे जारी करने के आदेश भी दे रखे है। नैनवां नगरपालिका सीमा में 24 नवम्बर 2015 को प्रशासन द्वारा चरागाह भूमि से बेदखल कर करने से घुमक्कड़ परिवार बेघर हो गए थे। जिला कलक्टर के आदेश पर पांच बीघा सिवाय चक भूमि आबादी में परिवर्तित कर तरमीम भी कर दी थी। परिवारों को बसाने के लिए आवंटित भूमि पर भूखंड आवंटन के लिए नगरपालिका ने नक्शा तैयार कर रखा है। नगर नियोजन कार्यालय से स्वीकृत भी हो चुका है। आवंटित भूमि तक जाने के लिए सरकारी रास्ते को रिकार्ड में दर्ज रखा है।
जिला कलक्टर से मार्गदर्शन लेंगे
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी बृजभूषण शर्मा का कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा जिला कलक्टर को लिखकर मामले में मार्गदर्शन मांगा जाएगा।