
राजस्थान के बूंदी जिले में पुलिस ने अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बूंदी के सदर थाना पुलिस ने तहसील रोड स्थित एक मकान पर अचानक छापा मारकर लंबे समय से चल रहे अनैतिक रैकेट के एक बड़े अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान मौके से 14 युवकों और 8 युवतियों को अरेस्ट किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपी मौके पर आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक महिला अपने बेटे के साथ मिलकर कर रही थी। पुलिस ने मौके से करीब 2.40 लाख रुपए की नकदी, ऑनलाइन पेमेंट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 3 डिजिटल भुगतान मशीनें, एक कार, एक टेम्पो और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
तहसील रोड पर स्थित इस मकान में काफी समय से संदेहास्पद और अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें स्थानीय निवासियों और पुलिस इंटेलिजेंस को मिल रही थीं। इन शिकायतों का पुलिस स्तर पर सत्यापन कराने के बाद सदर थाना पुलिस और उच्च अधिकारियों ने एक विशेष रणनीति तैयार की।
पुलिस ने सबसे पहले एक बोगस ग्राहक तैयार कर मकान के भीतर भेजा। बोगस ग्राहक ने अंदर जाकर सौदेबाजी की और जैसे ही नेटवर्क की पुष्टि हुई, उसने बाहर तैनात पुलिस टीम को संकेत दे दिया।
संकेत मिलते ही भारी पुलिस बल ने पूरे मकान को चारों तरफ से घेर लिया और अचानक दबिश देकर परिसर में मौजूद सभी लोगों को पकड़ लिया।
बूंदी के पुलिस उप अधीक्षक (DSP) अनिल जोशी ने बताया कि इस रेड के दौरान पुलिस को मौके से कई आधुनिक और डिजिटल उपकरण भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल पैसों के लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
नकदी और वाहन जब्त: पुलिस ने मौके से ₹2,40,000 की नगद राशि, एक कार, एक ऑटो-टेम्पो और एक मोटरसाइकिल को जब्त किया है।
डिजिटल भुगतान मशीनें: मौके से स्वैप और ऑनलाइन पेमेंट में इस्तेमाल होने वाली 3 डिजिटल मशीनें बरामद की गई हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह गिरोह हाई-टेक तरीके से पेमेंट लेता था।
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और पहचान प्रक्रिया में यह बात सामने आई है कि इस अनैतिक व्यवसाय का जाल केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि बाहरी राज्यों और जिलों से भी युवतियों को यहां लाया जाता था।
विभिन्न जिलों और राज्यों से जुड़ाव: मौके से पकड़ी गई युवतियों में कुछ गुजरात के सूरत, पश्चिम बंगाल के कोलकाता तथा राजस्थान के भीलवाड़ा और बूंदी की रहने वाली हैं।
सखी वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग: सभी 8 युवतियों और महिलाओं को वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षा और काउंसलिंग के लिए 'सखी वन स्टॉप सेंटर' भेज दिया गया है, जहां उनकी आवश्यक कानूनी और मेडिकल जांच की जा रही है।
सदर थाना प्रभारी भंवर सिंह के अनुसार, मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित करने के मुख्य आरोपी के तौर पर मकान मालिक महिला, उसके बेटे और उनके सहयोगियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े संगठित गिरोह या मानव तस्करी से भी है। इसके अलावा, जब्त की गई डिजिटल मशीनों और बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है ताकि आर्थिक लेन-देन की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।