बूंदी. हिंदू सम्मेलन के तहत रविवार को जिलेभर में आयोजन हुए। अलग-अलग जगहों से शोभयात्राएं निकाली गई। भगवान श्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजयमान हो गया। इसके बाद धर्मसभा हुई। महाराणा प्रताप बस्ती का हिंदू सम्मेलन के तहत बुलबुल के चबूतरे से शोभायात्रा शुरू हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विठ्ठल भवन […]
बूंदी. हिंदू सम्मेलन के तहत रविवार को जिलेभर में आयोजन हुए। अलग-अलग जगहों से शोभयात्राएं निकाली गई। भगवान श्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजयमान हो गया। इसके बाद धर्मसभा हुई। महाराणा प्रताप बस्ती का हिंदू सम्मेलन के तहत बुलबुल के चबूतरे से शोभायात्रा शुरू हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विठ्ठल भवन पहुंची। इसके बाद गायत्री महायज्ञ में 200 जोड़ो ने भाग लिया और विश्व मंगल की कामना की।
शिवाजी बस्ती चित्तौड़ रोड में आयोजित हुए सम्मेलन में आसपास क्षेत्र की बस्तियों के महिला और पुरुषों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पावर हाउस के बालाजी की पूजा-अर्चना से हुई। शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर कलश लेकर चली। भजनो पर सभी नृत्य करते हुए चले। शोभायात्रा में बाबा लखनदास व श्री श्रवणदास बग्गी में चल रहे थे। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इंद्रा शर्मा रही। कार्यसमिति अध्यक्ष देवीलाल जांगिड़ ने आभार जताया। संचालन हेमेंद्र शर्मा ने किया।
वहीं पुराना माटूंदा रोड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार व कलश यात्रा भगवान राधाकृष्ण के पूजन के साथ किया गया। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रुप में रवीना कुमावत व बालकदास महाराज ने हिंदू समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। युवाओं से नशा,कुरीतियों से दूर रहकर राष्ट्र एवं समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आव्हान किया गया। मोहन सालवी, हरीराज सिंह हाडा, दयाल सिंह, हरगोविंद धाभाई, रामप्रताप सिंह,पार्षद संदीप देवगन, मूलचंद शर्मा व जितेंद्र सिंह हाड़ा आदि ने विचार व्यक्त किए।
झांकिया रही आकर्षण का केंद्र
छत्रपुरा बस्ती में आयोजित हुए हिंदू सम्मेलन को लेकर निकाली गई कलश यात्रा में अखाड़े, वीरांगनाओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। तीन जगहों से कलश निकाली गई। जगह-जगह स्वागत द्धार लगाकर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में कमलेश महाराज, संत अच्युतानंद हरिद्वार वाले, अध्यक्ष मोहन राठौर, मातृशक्ति भारती शर्मा, कालूलाल जांगिड़ आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन नितेश मंडोवरा ने किया। तत्पश्चात भारत माता की आरती की गई।