31 अक्टूबर से बंद होगा, तारागढ़ पहाड़ी पर वर्ष 1993 में हुआ था हाई पावर ट्रांसमीटर टावर निर्माण
बूंदी. एक वक्त था जब दूरदर्शन गांव-कस्बों सहित शहरों में मनोरंजन का जरिया था, लेकिन अब बदलते दौर में इसकी आवश्यकता कम हो गई। इसी का परिणाम माने की सरकार ने इसके टावर से प्रसारण बंद करने का निर्णय कर लिया। बूंदी की तारागढ़ पहाड़ी पर स्थित टावर से अब 31 अक्टूबर के बाद से डीडी राजस्थान का प्रसारण भी बंद हो जाएगा। इसकी सभी औपचारिकता पूरी हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नब्बे के दशक में दूरदर्शन का एक दौर था। बूंदी की तारागढ़ पहाड़ी पर वर्ष 1993 में हाईपावर ट्रांसमीटर टावर शुरू हुआ। इसके बाद कई किलोमीटर दूरी तक दूरदर्शन के कार्यक्रम बिना रुकावट एंटीना से देखे जाने लगे। बीते डेढ दशक से इंटरनेट का उपयोग बढ़ा। धीरे-धीरे केबल कनेक्शन का उपयोग हुआ और एंटीना से दूरदर्शन देखने में लोगों ने दूरी बनानी शुरू कर दी। इंटरनेट सेवाओं में थ्री और फोर जी आने के बाद तो मानों दूरदर्शन का दौर खत्म हो गया। इसी का परिणाम माने की सरकार ने अब इसके ट्रांसमीटर की प्रसारण सेवाएं बंद करने का निर्णय कर लिया। बूंदी की तारागढ़ पहाड़ी पर बने हाई पावर ट्रांसमीटर से डीडी राजस्थान का प्रसारण बंद हो जाएगा। इसके प्रसार भारती की ओर से आदेश जारी हो चुके। डीडी नेशनल एवं डीडी न्यूज का प्रसारण पहले ही बंद हो चुका।
यह जारी किया आदेश
महानिदेशालय दूरदर्शन नई दिल्ली ने 22 सितम्बर 21 को आदेश जारी किया। जिसमें दूरदर्शन के टेरेस्ट्रियल प्रसारण को रिले केंद्रों का प्रसारण बंद करने का आदेश दिया। इसके तहत दूरदर्शन एचपीटी बूंदी से डीडी राजस्थान का प्रसारण 31 अक्टूबर 21 को बंद कर दिया जाएगा। इससे पहले दूरदर्शन महानिदेशालय 29 जून 20 को आदेश जारी कर एचपीटी बूंदी से डीडी नेशनल एवं डीडी न्यूज का प्रसारण बंद कर चुका। इसके बाद से सिर्फ डीडी राजस्थान का प्रसारण किया जा रहा था। जिसे भी अब बंद करने का निर्णय ले लिया। प्रसारण बंद होने पर दर्शकों के लिए दूरदर्शन के सभी चैनल डीडी फ्री डिश पर नि:शुल्क उपलब्ध रहेंगे।
27 जून 1993 को हुआ था शुरू
बूंदी की तारागढ़ पहाड़ी पर दूरदर्शन का उच्च शक्ति प्रेषित केंद्र 27 जून 1993 को शुरू हुआ था। इसका उद्घाटन तत्कालीन राज्यमंत्री भुवनेश चतुर्वेदी व के.पी. सिंह देव ने किया था। टावर के शुरू होने से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तक दूरदर्शन को एंटीना लगाकर आसानी से देखा जाने लगा था।
एफएम -आकाशवाणी के प्रसारण के लिए काम आएगा
टावर 31 अक्टूबर के बाद से सिर्फ एफएम और आकाशवाणी के चैनल्स के प्रसारण के लिए काम आता रहेगा। अभी भी टावर से एफएम और आकाशवाणी का प्रसारण होता है। टावर पर दो दर्जन से अधिक कर्मचारी बताए।