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राजस्थान की 2 ग्राम पंचायतों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट, देश का मॉडल संसदीय क्षेत्र बनाने का लक्ष्य: स्पीकर बिरला

Indian Model Parliamentary Constituency: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र को देश का मॉडल संसदीय क्षेत्र बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत बूंदी और कोटा की दो ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

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Om Birla

फोटो: पत्रिका

Pilot Project In 2 Gram Panchayat Of Rajasthan: लोक सभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला ने सोमवार को संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर कोटा-बूंदी को देश का मॉडल संसदीय क्षेत्र बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए ।

इस दौरान लोक सभा अध्यक्ष ने केंद्र और राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के 100 प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया । बिरला ने कहा कि अक्सर यह देखने में आता है कि कई पात्र नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ केवल इस कारण नहीं मिल पाता कि उनके अलग-अलग सरकारी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड में नामों में असमानता होती है ।

इसके कारण पात्र होने के बावजूद कई लोग खाद्य सुरक्षा, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, पीएम आवास योजना, पालनहार योजना, पेंशन और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। बैठक में ओएसडी राजीव दत्ता, संयुक्त सचिव गौरव गोयल, ओएसडी राजेश गोयल उपस्थित रहे । जबकि कोटा एवं बूंदी के जिला कलक्टर, तालेड़ा एवं लाडपुरा के उपखंड अधिकारी वीडियो कॉफ्रेंसिंग से जुड़े ।

सटीक डाटाबेस बनाने के निर्देश

बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में एक संपूर्ण और सटीक डाटाबेस तैयार किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्ज हो कि कितने प्रतिशत लोगों को कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और किन लाभार्थियों तक योजनाएं अभी नहीं पहुंच पाई हैं । उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के दस्तावेजों में नाम, विवरण और पहचान की एकरूपता सुनिश्चित की जाए, ताकि आधार से सीडिंग की प्रक्रिया सुगम, पारदर्शी और प्रभावी रूप से पूरी हो सके तथा योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे ।

दो ग्राम पंचायतों का चयन

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बूंदी जिले की पंचायत समिति तालेड़ा की ग्राम पंचायत गणेशपुरा (भीलों का) और कोटा जिले की पंचायत समिति लाडपुरा की ग्राम पंचायत मांदलिया में इस पहल की शुरुआत की जाएगी । जहां सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और उसके बाद प्राप्त अनुभव के आधार पर इसे पूरे कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में लागू किया जाए ।