12 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bundi News: कनकसागर तालाब की जर्जर पाळ बनी चिंता, मरम्मत नहीं हुई तो मानसून में बिगड़ सकते हैं हालात

पिछले साल बाढ़ में टूटी कनकसागर तालाब की पाळ की आठ माह बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। मानसून नजदीक आने के बीच लोगों को डर है कि समय रहते काम नहीं हुआ तो तालाब और शहर दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

2 min read
Google source verification

बूंदी

image

pankaj joshi

May 12, 2026

Kanaksagar Talab, Rajasthan flood news, broken dam wall, monsoon alert Rajasthan

तीज का चबूतरा व नीलकंठ महादेव के बीच की ढही पाळ। फोटो- पत्रिका

नैनवां। बाढ़ में ढही शहर के कनकसागर तालाब की पाळ की आठ माह बाद भी सुध नहीं ली। दो माह बाद फिर बरसात आने वाली है। जगह-जगह से टूटी पाळ की समय रहते मरम्मत नहीं हो पाई तो तालाब को खतरा हो जाएगा। बीते वर्ष रिकॉर्ड तोड़ बरसात होने से दो माह तक लगातार तालाब की पाळ के ऊपर से पानी निकलने से पाळ की क्षमता कमजोर हो गई। तालाब में मई माह में भी तालाब में भराव क्षमता का 80 प्रतिशत पानी है।

वहीं दूसरी तरफ डेढ़ माह बाद मानसून दस्तक शुरू हो जाएगी। तालाब के वेस्टवेयर को नहीं खोला गया व ढही हुई पाळ की मरम्मत नहीं हो पाई तो जीर्ण-शीर्ण होती जा रही पाळ पानी की आवक का दबाव सहन नहीं कर पाएगी। पिछले वर्ष 22 अगस्त को एक ही दिन में हुई बीस इंच (502 मिमी) बरसात से पानी की भारी आवक से ओवरफ्लो का पानी तालाब की पाळ के ऊपर से निकलने से उसका कुछ हिस्सा टूट गया था। शहर में बाढ़ के हालात हो गए थे।

रिपोर्ट भेजकर मांगा गया था बजट

जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, सांसद दामोदर अग्रवाल, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी मौका देखने आए थे। इसकी मरम्मत करवाने का आश्वासन भी देकर गए थे, लेकिन उसके बाद अधिकारी व जनप्रतिनिधि पाळ की मरम्मत कराने के दिए आश्वासन भूल गए। नगरपालिका द्वारा बाढ़ से शहर में हुए नुकसान की रिपोर्ट भेजकर मांगा गया बजट तक स्वीकृत कराना भूल गए।

नासूर बनते जा रहे घाव

कनकसागर तालाब की तीज के चबूतरे, महिला घाट, नीलकंठ महादेव मंदिर, द्वारिकाधीश मन्दिर के पास की पाळ, कनक सागर तालाब के किनारे स्थित बागरिया बगीची और द्वारिकाधीश बगीची में स्थिति हर्बल पार्क की दीवारें क्षतिग्रस्त है। पार्क की दीवार टूटी पड़ी नगरपालिका ने रिकॉर्ड तोड़ बरसात से शहर में हुए नुकसान का सर्वे किया गया था।

शहर के तालाबों की क्षतिग्रस्त हुई पाळों की मरम्मत के लिए दो करोड़ 70 लाख, तीन पार्कों द्वारिकाधीश, बादलिया बाग व गांधी उद्यान की मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ रुपए सहित सड़कों की मरम्मत के लिए दस करोड़ रुपए की राशि के प्रस्ताव भेजे रखे है। आठ माह बाद भी इस राशि की स्वीकृति का इंतजार है।

बजट स्वीकृत नहीं हुआ

नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ने बृजभूषण शर्मा ने बताया बाढ़ से हुए नुकसान से मरम्मत के लिए स्वायत शासन विभाग को दस करोड़ की राशि के प्रस्ताव भिजवा रखे है। अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हुआ।