बूंदी

यहां थोड़ी सी हवा में बिगड़ जाती है शहर की आवोहवा…

धूल के गुबार व क्षतिग्रस्त सडक़ दे रही पीड़ा

2 min read
May 10, 2018

बूंदी. सोचा था नए साल में क्षतिग्रस्त सडक़ों व उड़ती धूल मिट्टी से राहत मिल जाएगी, लेकिन नए साल के भी 130 दिन बीत चुके हैं। आज भी उड़ती धूल मिट्टी व क्षतिग्रस्त सडक़ें पीड़ा दे रही है। यह कहना कागजी देवरा क्षेत्र के लोगों का। इस अव्यवस्था से बड़ी संख्या में लोग आहत हैं।

शहर के कागजी देवरा में बीते पांच माह से यहां के बाशिंदे धूल के गुबार और क्षतिग्रस्त सडक़ों की पीड़ा झेलने को मजबूर है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। कागजी देवरा से शुक्ल बावड़ी तक की सडक़ खुदी पड़ी हुई है। ऊ ंचे चेंबर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें

आमजन को राहत व सुशासन का कराओ अहसास…जिले के प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने ली समीक्षा बैठक

पोर्टल पर दर्ज करा रखी शिकायत :कागजी देवरा के बाशिंदों ने सम्पर्क पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज करा रखी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ है। क्षेत्र के दिनेश कुमार प्रजापत ने २३ मार्च को पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका अभी तक समाधान नहीं हुआ।

बच्चे हो रहे परेशान

सीवरेज के चलते खुदी सडक़ से स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि सडक़ खुदी होने से बच्चों की गाडिय़ां घरों तक नहीं पहुंच रही। जिसके कारण बच्चों को दूर गाडिय़ों में छोडऩा जाना पड़ रहा है। वहीं गड्ढों में बच्चों के गिरने का डर बना रहता है। कई बार बच्चे चोटिल हो चुके हैं।

कर रहे पानी का छिडक़ाव

उड़ते धूल के गुबार से बचने के लिए दुकानदार तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। खाद्य सामग्री को ढंककर रखना पड़ रहा है। क्षेत्र के कन्हैयालाल व ओमप्रकाश मेवाडा ने बताया कि धूल-मिट्टी से बचने के लिए हर रोज दुकान के बाहर पानी का छिडक़ाव करना पड़ रहा है। उसके बावजूद धूल का गुबार उड़ता रहता है।

हो रहे बीमार

कागजी देवरा में कुछ दिनों से धूल के गुबार लगातार उड़ रहे हैं। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। अस्थमा, एलर्जी व अन्य बीमारियों ने लोगों को जकड़ रखा है।

ये भी पढ़ें

कार्यवाहको के भरोसे सरकारी महकमों की गाड़ी…
Published on:
10 May 2018 04:16 pm
Also Read
View All