देई थाना क्षेत्र में रविवार को बांसी कालानला मार्ग व मुण्डली सादेड़ा मार्ग पर किसानों ने पानी की निकासी करवाने की मांग को लेकर जाम लगा दिया था। घटना की सूचना पर दोनों ग्राम पंचायत के सरपंच व हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे, तो पानी की समस्या को लेकर किसानों में आक्रोश नजर आया।
भण्डेड़ा. देई थाना क्षेत्र में रविवार को बांसी कालानला मार्ग व मुण्डली सादेड़ा मार्ग पर किसानों ने पानी की निकासी करवाने की मांग को लेकर जाम लगा दिया था। घटना की सूचना पर दोनों ग्राम पंचायत के सरपंच व हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे, तो पानी की समस्या को लेकर किसानों में आक्रोश नजर आया। सडक़ पर जाम की सूचना पर एरिया पुलिस मौके पर पहुंची। किसानों से समझाइश करके दो घंटे बाद जाम को खुलवाया गया। जेसीबी मगंवाकर सडक़ के दोनों तरफ पानी की निकासी करवाई गई।
जानकारी अनुसार दो ग्राम पंचायतों की सीमा में बांसी कालानला मार्ग व मुण्डली सादेड़ा चौराहे से पहले सडक़ के दोनो तरफ पानी की निकासी बंद होने से सडक़ के एक तरफ के खेतो में बरसाती पानी के आने से तलाइयों का रूप ले रखा था। खरीफ फसले बर्बाद हो गई। इस समस्या को लेकर किसानों ने चौराहे पर एकत्रित होकर चौराहे पर दोनों तरफ की सडक़ पर जाम लगाने से चार मुख्य सडक़े बांसी-कालानला मार्ग, मुण्डली-सादेडा मार्ग बाधित हो गया। घटना की सूचना पर दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच सादेड़ा सरपंच कैलाश सैनी, मरां सरपंच बीना बाई मीणा व हल्का पटवारी व ग्राम विकास अधिकारी मौके पर पहुंचे तो किसानों में काफी आक्रोश नजर आया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी से समझाइश की व सडक़ पर लगे जाम को खुलवाया गया। ग्राम पंचायतों ने दो जेसीबी मंगवाई व पुलिस की मौजूदगी में एक तरफ छोटी नालियों को दुरूस्त करवाया गया वही दूसरी तरफ बांसी कालानला मार्ग पर रखें सार्वजनिक निर्माण विभाग के पानी निकासी के पाइप को खुलवाया गया। तब एक तरफ पानी निकासी अधिक मात्रा में हो गई। जिससे इस तरफ के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। पानी खेतों से होता हुआ कल्याणपुरा गांव में पहुंच गया। फिर किसी की सूचना पुलिस को दी कि सडक़ पर जाम लगा दिया। फिर पुलिस दौडी व मौके पर पहुंची । जाम नहीं लगा हुआ मिला। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को व पुलिस को गांव में ले जाकर पानी दिखाया। गांव में आए पानी का समाधान नहीं हुआ, तो महिलाओं सहित ग्रामीणों ने पुलिस को भी घेर लिया। पुलिस द्वारा समझाइश करके मोके पर सभी को शांत किया गया है।