बीते चार माह से वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेटें नहीं लग पा रही है। मजबूरीवश वाहन मालिकों को साधारण नंबर प्लेटें ही वाहनों पर
बूंदी. बीते चार माह से वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेटें नहीं लग पा रही है। मजबूरीवश वाहन मालिकों को साधारण नंबर प्लेटें ही वाहनों पर लगवानी पड़ रही है। सरकार के स्तर पर बरती जा रही अनदेखी के चलते जिलेभर के वाहन चालक नए वाहनों पर नंबर प्लेट लगवाने को लेकर परिवहन विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। जहां भी लोगों को संतुष्टिपूर्वक जवाब देने वाला कोई नहीं है। इन हालातों में कई लोगों को बिना नंबर प्लेट ही वाहन चलाने पड़ रहे हैं। लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं निकल रहा है। जानकारी के अनुसार 31 अगस्त 2017 को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाली कंपनी का ठेका समाप्त हो गया था।
दूसरे कंपनी को काम शुरू करना था, लेकिन उच्च स्तर पर तकनीकी खामी के चलते मामला अटक गया। विवाद के चलते हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का काम ही ठप हो गया। 1 सितम्बर 2017 से नंबर प्लेट बनाने के काम पर ताला लगा हुआ है।
बिना नंबर दौड़ा रहे वाहन
यह काम फिलहाल बंद होने से कई वाहन चालकों ने वाहनों पर नंबर प्लेटें नहीं लगवाई है। वे इंतजार कर रहे हैं कि वापस प्लेट लगाने का काम शुरू होगा। सूत्रों के अनुसार 1 सितम्बर से 31 दिसम्बर 2017 तक जिलेभर में 8100 वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इन सभी वाहनों पर नंबर प्लेंटें लगनी थी। ऐसे में बड़ी संख्या में दुपहिया व चौपहिया वाहन बिना नंबर ही दौड़ रहे हैं। कुछ ने साधार नंबर प्लेंटें भी बनवा कर वाहनों पर लगाई है।
यूनिक नंबर होता है इसमें
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने अनिवार्य की थी। ये प्लेट वाहन में फिक्स हो जाती है। इसे कोई खोलकर बदल नहीं सकता। नंबर प्लेट पर यूनिक नंबर भी अंकित होता है, जो वाहन के रजिस्ट्रेशन में भी चढ़ाया जाता है। इससे गाड़ी की पहचान आसानी से हो जाती है।
जिला परिवहन अधिकारी धर्मपाल आसीवाल का कह ना हैकि सरकार ने पांच साल का ठेका दे रखा था। जिसकी अवधि पूरी हो गई थी। दूसरी कंपनी को काम दिया था, लेकिन इसके बाद काम क्यों शुरू नहीं हुआ इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। सरकार के स्तर पर मामला चल रहा है, पूरे प्रदेश में यही हालत हैं। वाहन मालिक साधारण नंबर प्लेटें बनवा रहे हैं।