बूंदी

चंद्रमा की ऐसी कोप दृष्टि पड़ी की 12 घंटे तक रहना पड़ा लोगो को भूखा…

174 साल बाद ब्लडमून ग्रहण नजर आया।

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Jan 31, 2018
maaghee poornima ka chadragrahan

बूंदी. साल का पहला माघी पूर्णिमा का चद्रग्रहण का सूतक सुबह 8.18 से रात्रि 8.41 तक रहा। इस दौरान जहां मंदिरो के पट बंद रहें। वहीं लोागो ने खाना पीना बंद रखा। बुधवार व पूर्णिमा के व्रत करने वालों को भोजन प्रसादी के लिए साढ़े 12 घंटे इंतजार करना पड़ा। लोग पूजा-पाठ सत्यनारायण की कथा में रमे नजर आए।

मान्यता है कि चंद्रग्रहण के प्रभाव से खाद्य सामग्री में जीव उत्पत्ति हो जाती है। इसलिए ग्रहण के समय पका हुआ भोजन, जल, और खाद्य सामग्री का आदि का सेवन नही करना चाहिए। ऐसी स्थिति में लोगो ने भोजन में तुलसी के पत्ते कुश डाला ताकि खाद्य सामग्री में जीव उत्पत्ति न हो।

ज्योतिषाचार्य अमित जेन ने बताया कि 174 साल बाद ब्लडमून ग्रहण नजर आया है। इसका प्रभाव अश्लेषा नक्षत्र में चंद्र ग्रहण होने से सोना चांदी, पीतल, की धातु में बढोत्तरी , भूकंप सुनामी प्राकृतिक आपदा , आपराधिक गतिविधियां, और कारोबार में उतार-चढ़ाव आगामी एक महिऩेे तक देखे जाएगेें।

ग्रहण से लोगो ने किया बचाव-

ग्रहण के चलते जिले में गर्भवती महिलाएं और रोगी तीन घंटे घरों में कैद रहे। ग्रहों के स्पर्श से मोक्ष तक लोगो ने मंत्र जाप पाठ और अपने गुरु मंत्र व इष्ट मंत्र का जाप किया। इस दौरान लोगो ने जमकर दान-पूण्य किए और कबूतरों को दाना डाला।

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Published on:
31 Jan 2018 07:43 pm