नेशनल अचीवमेंट सर्वे से सरकारी स्कूलों के बच्चों का शैक्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए चयनित विद्यालयों में 5 फरवरी को ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा का संचालन किया जाएगा। जिले के चयनित विद्यालयों में कक्षा.१०वी विभिन्न विषयों में छात्र-छात्राओं के उपलब्धि स्तर का आंकलन किया जाएगा। इस सर्वे की जि मेदारी शिक्षा विभाग को दी गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सर्वे के दौरान पारदर्शिता के लिए प्रत्येक विकासखंड में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी तेजकंवर ने बताया कि इस सर्वे का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का शैक्षिक मूल्यांकन करना है। साथ ही उनकी उपलब्धि का स्तर जांचना है। इस परीक्षा के माध्यम से यह भी जांचा जाएगा कि छात्रों की सीखने की क्षमता कितनी है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। जहां कमियां होगी, उसे शिक्षकों की ट्रेनिंग आदि से दूर किया जाएगा। साथ ही जो छात्र जितना दक्ष होगा, उसे उसी हिसाब से आगे की पढ़ाई के लिए तैयार किया जाएगा। परीक्षा को सफल बनाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने संस्था प्रधानों को मॉडल प्रश्न पत्र तैयार का अ यास कराने का निर्देश दिया, ताकि सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। बेसिक कॉसेप्ट एवं फार्मूला पर विशेष ध्यान दिया जाए।