बूंदी

नए आईसीयू भवन निर्माण को दो माह से मंजूरी का इंतजार

जिला अस्पताल में गंभीर रोगियों की परेशानी को देखते हुए आईसीयू को मुख्यद्वार के पास बनाने के
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Updated: 10 Apr 2018, 1:14 PM IST
New ICU building construction awaiting approval for two months

बूंदी. जिला अस्पताल में गंभीर रोगियों की परेशानी को देखते हुए आईसीयू को मुख्यद्वार के पास बनाने के प्रस्ताव बीते दो माह से स्वीकृति के इंतजार में हैं। सरकार के स्तर पर अभी तक नए आईसीयू भवन को बनाने का फैसला नहीं हुआ है।
वर्तमान आईसीयू की दूरी मुख्यद्वार से २४२ मीटर से अधिक है। ऐसे में गंभीर रोगियों को ले जाने व उपचार में देरी से रोगियों की जान संकट में पड़ रही है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सवाईमाधोपुर के अधिशासी अभियंता ने जयपुर मुख्य अभियंता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को नए आईसीयू भवन के प्रस्ताव फरवरी माह में भेजे हैं। जिन्हें मंजूरी का इंतजार है।

तीन जगह बनाकर भेजा तकमीना
नए आईसीयू भवन निर्माण के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता ने कुल ६३.९१ लाख का तकमीना बनाया है। बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने नए आईसीयू को लेकर विधानसभा में मामला उठाया था। इसके जवाब में पूर्व में ही विधानसभा में नए आईसीयू के प्रस्ताव को भेजा जा चुका है। अस्पताल में अत्यंत आवश्यकता वाले काम के तहत जयपुर गेप एनालिसिस में भी उक्त तकमीना भेजा है। इसके अलावा पीआईपी वर्ष २०१८-१९ में भी नए आईसीयू को स्वीकृत करने के प्रस्ताव भेजे हैं।

बनाएंगे ट्रोमा के पीछे
जिला अस्पताल में मुख्यद्वार के पास नए आईसीयू भवन बनाने की लंबे समय से मांग चल रही है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी वर्तमान आईसीयू की दूरी को अधिक माना है। ऐसे में उन्होंने ट्रोमा वार्ड के पीछे नए आईसीयू भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसे ट्रोमा से सीधा जोड़ा जाएगा। ताकि गंभीर रोगी के आने पर उसे तत्काल आईसीयू की चिकित्सा मिल सके।

भाजपाइयों की भी नहीं सुन रहे
आईसीयू की अधिक दूरी होने के कारण गंभीर रोगियों की जान संकट में पड़ रही है। इस मामले में भाजपा जिला प्रवक्ता संजय लाठी ने मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, चिकित्सा मंत्री, सांसद, विधायक व भाजपा जिलाध्यक्ष को आईसीयू को मुख्यद्वार के नजदीक बनाने की मांग की थी। इस पर प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में इस पर गंभीरता से निर्णय करने के लिए कहा था। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। विधायक अशोक डोगरा भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठा चुके।

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