बूंदी

Bundi News : हर महीने दो शनिवार स्कूल में बस्ता नहीं, हुनर और मस्ती का संगम

सरकारी स्कूलों में अब हर महीने दो शनिवार बच्चों के लिए कुछ अलग सीखने और करने के दिन होंगे। इन दिनों बच्चों के कंधों पर बस्ते का बोझ नहीं होगा, बल्कि स्कूल में खेल, हुनर, रचनात्मक गतिविधियों और नई सीख का माहौल होगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नई गाइडलाइन के तहत जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में ‘नो बैग डे-संभावनाओं का शनिवार’ नए स्वरूप में मनाया जाएगा।
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Oct 06, 2026
no schoolbags—a blend of skills and fun
स्कूल में अध्ययन करते बच्चे

बूंदी. सरकारी स्कूलों में अब हर महीने दो शनिवार बच्चों के लिए कुछ अलग सीखने और करने के दिन होंगे। इन दिनों बच्चों के कंधों पर बस्ते का बोझ नहीं होगा, बल्कि स्कूल में खेल, हुनर, रचनात्मक गतिविधियों और नई सीख का माहौल होगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नई गाइडलाइन के तहत जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में ‘नो बैग डे-संभावनाओं का शनिवार’ नए स्वरूप में मनाया जाएगा। परिषद की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में इस बार मनोरंजन के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया है। जिले के 1249 स्कूलों के विद्यार्थियों को उम्र और कक्षा के अनुसार पांच समूहों में बांटा गया है। कक्षा 1-2 के बच्चों को ‘अंकुर’, 3-5 को ‘प्रवेश’, 6-8 को ‘दिशा’, 9-10 को ‘क्षितिज’ और 11-12 को ‘उन्नति’ समूह में रखा गया है।

खेल के साथ जीवन जीने की सीख

नो बैग डे केवल खेल और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा। गतिविधियों के जरिए बच्चों को सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श की पहचान, जरूरत पडऩे पर मदद मांगने का तरीका, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी दी जाएगी। जिम्मेदारी से इंटरनेट के इस्तेमाल और नशे के दुष्परिणामों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। दिव्यांग विद्यार्थियों को भी उनकी क्षमता के अनुसार सभी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। स्कूलों में प्राथमिक उपचार किट रखना भी अनिवार्य होगा।

गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड भी बनेगा

नो बैग डे की हर गतिविधि का रिकॉर्ड भी स्कूलों को रखना होगा। उपस्थिति के साथ फोटो, वीडियो, बच्चों के नवाचार और उपलब्धियों को डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा। बेहतर गतिविधियों को ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के तौर पर दूसरे स्कूलों के साथ साझा किया जा सकेगा। स्कूल का समय दो सत्रों में बांटा जाएगा। मध्याह्न से पहले करीब 60 मिनट की मुख्य गतिविधि उस महीने की थीम के अनुसार होगी।

इस संबंध में आदेश मिले हैं। हर शनिवार नो बैग डे के तहत आयोजन होंगे। इसमें बच्चों को अध्ययन के साथ विभिन्न तरह की हुनर आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी।
प्रहलाद शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, बूंदी

Updated on:
06 Oct 2026 11:45 am
Published on:
06 Oct 2026 11:45 am