बूंदी

झागदार पानी को लेकर अधिकारियों में हडक़ंप, जांच के लिए कोटा से आए कैमिस्ट

क्षेत्र के नलकूपों में आ रहे झागदार पानी की जांच के लिए मंगलवार को कोटा से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने पहुंचकर

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May 16, 2018
Officials rush about foamy water, chemists from quota to check

रामगंजबालाजी. क्षेत्र के नलकूपों में आ रहे झागदार पानी की जांच के लिए मंगलवार को कोटा से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने पहुंचकर हालातों का जायजा लिया।
उन्होंने बूंदी ब्रांच केनाल के आस पास लग रहे आधा दर्जन नलकूपों व हैण्डपंपों से पानी के नमूने जांच वास्ते लिए। विभाग के अकेलगढ़ कोटा प्रयोगशाला से आए सीनियर कैमिस्ट डॉ.सहला आलम, कनिष्ठ कैमिस्ट गोपाल लाल शर्मा व लेब तकनीशियन सत्यनारायण गोस्वामी मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने पानी के नमूने लेकर कोटा प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे। कनिष्ठ कैमिस्ट शर्मा ने बताया कि झागदार पानी की रासायनिक व कीटाणू जांच होने के बाद पता चलेगा कि नलकूपों में कौनसा पानी आ रहा है। इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

खुला ताला, पहुंचा इंचार्ज
रामगंजबालाजी क्लोजर के निकट सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के मंगलवार को ताले खुल गए। ट्रीटमेंट प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि प्लांट चालू करने के लिए कम से कम दो लाख लीटर पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन वर्तमान में प्लांट के टैंक में नाम मात्र का ही पानी आ रहा है। ऐसे में प्लांट को रोजाना चालू नहीं करते। टैंक में पानी की मात्रा बढऩे पर ही ट्रीटमेंट प्लांट को चलाया जाता है। उन्होंने सीवरेज लाइन का पानी नलकूपों में नहीं जाने की बात कही है।

बिना ट्रीटमेंट ही ड्रेन में जा रहा दूषित पानी
सीवरेज प्लांट से महज दो सौ मीटर की दूरी पर निकल रही ड्रेन में प्लांट से बिना ट्रीटमेंट किए ही सीवरेज का पानी निकाला जा रहा है। मंगलवार को पानी की जांच के लिए मौके पर पहुंचे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने डे्रन में जा रहे सीवरेज पानी के बारे में ट्रीटमेंट प्लांट प्रभारी से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि जब प्लांट चालू नहीं है तो दूषित पानी को ड्रेन में क्यों छोड़ रहे हो। इस पर प्लांट प्रभारी ने अन्य रिसाव होने की बात कहते हुए टालमटोल कर दिया।

Published on:
16 May 2018 12:24 pm