बूंदी

जिला अस्पताल में उपचार को तरस रहे रोगी

दवा का इंतजाम ही नहीं और आयुष से करा रहे उपचार
2 min read
Dec 22, 2017
Patients suffering from treatment in district hospital
bundi hospital

आयुर्वेद की खांसी-जुकाम व उदर रोग की दवा ही खत्म
जिला मुख्यालय पर ही बरत रहे अनदेखी
बूंदी. सरकार की अनदेखी की हद से आमजन की जान पर बन रही है। जिला अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में आपातकालीन सेवाएं दे रहे आयुष व आयुर्वेद चिकित्सक रोगियों को आयुर्वेद दवाएं लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल में आयुर्वेद दवाओं का कहीं कोईइंतजाम नहीं है। रोगी आयुर्वेद दवाओं के लिए इधर उधर धक्के खा रहे हैं। वहीं अस्पताल के नि:शुल्क दवा वितरण केंद्रों पर भी एलोपैथी दवाओं का टोटा है। ऐसे हालातों में रोगियों को यह समझ में नहीं आ रहा कि इलाज लें तो आखिर कैसे।
जिला अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक रोगियों को आयुर्वेद दवा पर्चे पर लिख रहे हैं, लेकिन ट्रोमा वार्ड में कहीं भी आयुर्वेद दवा वितरण की व्यवस्था नहीं है। रोगी को ट्रोमा वार्ड से बाहर निकलकर आयुर्वेद औषद्यालय में जाकर आयुर्वेद दवा लेनी पड़ रही है। आयुर्वेद दवा केंद्र पर भी दवाएं खत्म हो रही है। जहां पर रोगियों को पर्याप्त दवाएं नहीं मिलने से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामगंजबालाजी निवासी मदन ओढ ने बताया कि खांसी-जुकाम व बदन दर्द की तकलीफ है। आयुर्वेद दवा लिखी है, लेकिन दवा नहीं मिल रही है।

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आवश्यक दवा भी नहीं
सूत्रों के अनुसार आयुर्वेद दवा केंद्र पर रोगियों को दी जाने वाली अतिआवश्यक दवाएं भी नहीं है। यहां पर सर्दी के मौसम के अनुसार जुकाम व खांसी की सिलोपलादी चूर्ण, तालिसादि चूर्ण, लक्ष्मी विलास रस नहीं है। अम्ल पित्त के लिए अविपत्तिका चूर्ण, उदर रोग जैसे गैस व पेटदर्द के लिए उदावर्त चूर्ण, हिंग्वाष्टक चूर्ण व अग्निसंदीपन चूर्ण भी खत्म हो रहा है। सरकार ने आयुर्वेद दवाओं की आपूर्ति भी नहीं भेजी। इससे रोगी बिना दवाओं के भटक रहे हैं।

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एलोपैथी दवाओं का भी टोटा


जिला अस्पताल के नि:शुल्क दवा वितरण केंद्रों पर एलोपैथी दवाओं की भी कमी हो रही है। सरकार के यहां से दवाओं की पर्याप्त सप्लाई नहीं की जा रही है। ऐसे में मधुमेह रोग की ग्लिमीप्राइड 2-एमजी, ग्लिम प्राइड मेट फोरमिन पाईलोटाजोन 15 मिलीग्राम, कब्ज के लिए लेक्टूलॉज सीरप, सर्दी जुकाम की एंटी कॉल्ड टेबलेट, नींद की क्लोनीजी पॉम, एम्लोडीपीन 5 नंबर, बीपी की टेलमीसारटन, कान में डालने की एंटी फंगल ड्रोप व मस्तिष्क रोग से संबंधित दवाएं भी खत्म हो रही है।
बंूदी के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनीत विजय ने बताया कि आयुर्वेद की दवाएं नहीं मिलने की जिलेभर में समस्या है।जिला मुख्यालय पर भी रोगियों को दवा नहीं मिलने की जानकारी मिली है। बजट नहीं आने से एलोपैथी की कुछ दवाएं कम है। उक्त मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है।

Published on:
22 Dec 2017 12:36 pm