इस मंत्र के जाप के लिए तीन समय उपयुक्त माने गए हैं। सूर्योदय से पहले या सुबह इस मंत्र का जप कर सकते हैं, दूसरा वक्त दोपहर का हैं और तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त से पहले। इन तीनो में से किसी भी समय आप "मंत्र-ऊं भूर्भुव स्व: तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात" इसका जाप कर सकते हैं। सिर्फ इस बात का ध्यान रखें कि इस मंत्र का जाप तेज आवाज में कभी नहीं करना चाहिए बल्कि शान्त मन से एक जगह बैठकर इसका जप करना चाहिए। इससे एकाग्रता बढ़ती है, मन शान्त रहता है और जिससे आप अपने गुस्से पर भी काबू पा सकते हैं।