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नवरात्रि के 5वें दिन मां स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख की चाह होगी पूरी, जानें आरती का सही तरीका और मंत्र

Skandamata Puja Vidhi Mantra: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि उनकी आराधना से परिवार में सुख-समृद्धि, प्रेम और संतान का कल्याण होता है।
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भारत

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Akash Dewani

•

Oct 15, 2026

maa skandamata puja vidhi mantra aarti correct method

Skandamata Puja Vidhi Mantra: जानें मां स्कंदमाता की आरती का सही तरीका और मंत्र (फोटो सोर्स- Pinterest)

Skandamata Puja Vidhi Mantra: आज नवरात्रि का पांचवा दिन है। इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य धर्मेंद्र शास्त्री ने बताया कि मां दुर्गा का यह स्वरुप मातृत्व, प्रेम, करुणा और संरक्षक का प्रतिक है। ज्योतिषाचार्य बताते है कि मां स्कंदमाता के नाम के भगवान कार्तिकेय के कारण है। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है। जब माता पार्वती भगवान स्कंद की माता बनीं तब उनका यह दिव्य स्वरूप स्कंदमाता कहलाया। मान्यता है कि स्कंदमाता की पूजा परिवार के कल्याण, संतान की मंगलकामना, प्रेम, धैर्य और सद्बुद्धि की प्रार्थना के साथ की जाती है।

घर पर किस तरह करें मां स्कंदमाता की पूजा?

  • सबसे पहले चौकी पर स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • इसके बाद गंगा जल या गोमूत्र से शुद्धिकरण करें।
  • चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर कलश रखें।
  • उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका (सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें।
  • इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा स्कंदमाता सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें।
  • इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।

इस तरह से करें मां स्कंदमाता की आरती

  • मां के सामने घी का दीपक जलाएं। पूजा में धूप और अगरबत्ती भी जला सकते हैं।
  • मां स्कंदमाता को लाल या पीले फूल अर्पित करें। कमल का फूल भी शुभ माना जाता है।
  • मां को केले, मौसमी फल या अपनी श्रद्धा के अनुसार मिठाई अर्पित करें।
  • आरती से पहले मां स्कंदमाता के मंत्र 'ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः' का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  • आरती की थाली में घी का दीपक, कपूर और फूल रखें। कपूर जलाते समय आग से सावधानी बरतें।
  • आरती के दौरान दीपक को मां की प्रतिमा के सामने गोलाकार घुमाएं। इसे शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करें।
  • आरती पूरी होने पर मां को प्रणाम करें, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें। इसके बाद प्रसाद सभी में बांटें।

स्कंदमाता की प्राथना के लिए इन मंत्रो का करें उच्चारण

मूल मंत्र- या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

ध्यान मंत्र- सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

बीज मंत्र - ॐ ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नमः॥