Patrika Women Safety Campaign: सोशल मीडिया पर फोटो वीडियो और रील साझा करने वाली महिलाओं पर साइबर अपराध से जुड़े लोगों की पूरी नजर है। ये आर्टिफिसिशल इंटेलीजेंस (एआई) टुल्स का इस्तेमाल कर महिलाओं के अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं।
Mahila Suraksha Abhiyan: अगर आप अपने पारिवारिक या घुमने के फोटो या वीडिय़ो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे तो सावधान हो जाइए। पता नहीं आपके फोटो को अनजान व्यक्ति किस तरीके से यूज करके सोशल मीडिया पर बनाकर आपको ब्लैकमेल कर दे। साइबर अपराधी द्वारा नित नए तरीके एवं एआई के प्रयोग से हो रहे फ्रॉड को लेकर यह खबर आपकी सावधानी के लिए है। सोशल मीडिया पर फोटो वीडियो और रील साझा करने वाली महिलाओं पर साइबर अपराध से जुड़े लोगों की पूरी नजर है। ये आर्टिफिसिशल इंटेलीजेंस (एआई) टूल्स का इस्तेमाल कर महिलाओं के अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं।
ऐसे मामले जिले में लगातार बढ़ रहे हैं,लेकिन उन्हें रोक पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि कई अपराधियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस जागरूकता की अपील भी कर रही है, लेकिन आए दिन इस तरह के फ्रॉड में हर वर्ग फंसता हुआ नजर आ रहा है। बूंदी के साइबर थाने में महिला से साइबर फ्रॉड के मामले में एक ही प्रकरण दर्ज हुआ। जबकि जनवरी 2024 से अब तक थाने में 15 से 20 शिकायतें पहुंच चुकी है। इसमें विदेशी युवक द्वारा बूंदी निवासी एक युवती को शादी का झांसा देकर पैसे ऐंठने का मामला है। इस पर पुलिस ने प्रकरण भी दर्ज किया है।
पुलिस के पास ऑनलाइन धमकी, फर्जी प्रोफाइल बनाकर ब्लैकमेल और चैटिंग कर फंसाने व शादी का झांसा देकर फर्जीवाड़े की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनमें से 15 से 20 फीसदी शिकायतें महिलाओं से संबंधित आ रही है। इन मामलों में पुलिस ने कई अपराधियों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता नहीं हो पाई है। हालांकि काफी मामलों में महिलाएं पुलिस को शिकायत ही नहीं देती है। ऐसे में महिलाओं को भी जागरूक रहकर ऐसी घटना होने पर शीघ्र पुलिस को सूचना करनी चाहिए।
साइबर अपराधी महिलाओं और युवतियों की सोशल मीडिया प्रोफाइल की लगातार निगरानी करते हैं। महिलाओं से जुड़ी ज्यादातर शिकायतों में एआई के जरिए डीपफेक का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार पुरुष अपराधी भी फर्जी अकाउंट बनाकर खुद को लडक़ी बताते है और फिर लड़कियों से चेेंटिंग कर उन्हें अपने झांसे में ले लेते है। जब उनकी मंशा सफल नहीं हो पाती तो फिर वे नई तकनीक का सहारा लेकर अश्लील फोटो बना लड़कियों को भेजकर उन्हें डराते हैं और फिर ब्लैकमेल करते है।
मुकेंद्रपाल सिंह, साइबर एक्सपर्ट
अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बनी हुइ एप में प्रोफाइल को लॉक करे एवं प्राइवेट ऑप्शन पर रखें, जिससे उसके संबंधित फोटो उसके फॉलोवर्स ही देख सके अन्य नहीं।
अनजान नंबरों से आई वीडिय़ो कॉल कभी नही उठाएं।
अपने निजी एवं सार्वजनिक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें।
सोशल मीडिया का प्लेटफॉर्म का पासवर्ड न्यूमेरिकल टू स्टेप का स्ट्रॉंग रखे।
अपनी व्यक्तिगत जानकारिया बर्थ-डे, जीवन से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने से बचे।
सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति को दोस्त ना बनाएं।
वर्तमान में एआई का जमाना है,ऐसे में निजी जानकारी शेयर करने से बचें।
महिलाएं जागरूक रहे, डरे नहीं।
वर्ष 2023 में बूंदी की युवती से विदेश में रहने वाले ने दोस्ती कर ली। गहरी दोस्ती होने के बाद चेटिंग चलती रही। वीडिय़ो और ऑडियो कॉल पर बातचीत होती चली गई। पासपोर्ट बनाने की बात कहीं और फिर वीडियों कॉल कर युवती के अश्लील फोटो बना लिए। शादी का झांसा देने लग गया। विदेशी युवक युवती को ब्लैकमेल करने लगा ओर एक लाख रुपए मांग की और नहीं देने पर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता ने पैसे नहीं दिए और घटना भांपते ही थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया।
दबलाना की रहने वाली एक युवती की सोशल मीडिया आईडी हैक कर ली,फिर उसके अशलील वीडिय़ो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा और पैसे नहीं देने पर फोटो ओर वीडिय़ो सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी। पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दी। टीम ने जहाजपुर से आरोपी को दबोचा।
बूंदी निवासी एक महिला की युवक ने फर्जी आईडी बना ली। उसके अशलील फोटो और वीडिय़ो बनाकर उसको ब्लैकमेल किया। काफी दिनों तक महिला को युवक द्वारा परेशान किया गया। बाद में पिता के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दी। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद आरोपी को कोटा छावनी से पकड़ा।
साइबर अपराधी शातिर होने के साथ एआई टूल्स के जरिए महिलाओं के फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं। ऐसी कोई भी घटना होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर-1930 या फिर नजदीकी थाने के अलावा साइबर थाने में तुरंत शिकायत करें। साइबर अपराधियों से बचने के लिए महिलाओं को अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स को प्राइवेट रखना चाहिए। व्यक्तिगत फोटो-वीडिय़ो व रील्स आदि शेयर करने से बचना चाहिए।
उमा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बूंदी