
बूंदी नगर निकाय के चुनाव को लेकर जयपुर में लॉटरी निकाली गई, जिसमें बूंदी नगर परिषद के लिए सभापति का पद अनारक्षित के लिए घोषित किया गया, पूर्व में यह पद अनारक्षित महिला के लिए घोषित किया गया था। ऐसे में संभावित दावेदारों में खुशी की लहर देखी गई। वहीं लॉटरी निकलने के साथ ही चर्चाओं में चल रहे विभिन्न कयासों का भी पटाक्षेप हो गया। हालांकि अभी जिले के आठ नगर निकायों 230 पार्षदों के लिए लॉटरी नहीं निकाली गई है।
बूंदी जिला परिषद में अब ओबीसी का जिला प्रमुख बनेगा। जयपुर में निकाली गई लॉटरी में इसका निर्धारण किया। इससे पूर्व ये सीट अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित थीं। वहीं जिला परिषद के 23 सदस्यों के लिए अभी लॉटरी निकाली जानी बाकी है।
जयपुर में गुरुवार को निकाली गई लॉटरी में हिण्डोली नगरपालिका में सभापति का पद अनारक्षित घोषित किया गया है। यहां पहली बार नगर पालिका के चुनाव होंगे। अभी पालिक केे वार्डों की लॉटरी निकलना बाकी है। हिण्डोली में नवगठित नगर पालिका के लिए यह पहला चुनाव होगा। ऐसे में मतदाताओं के साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक महिला पुरुषों एवं युवाओं में उत्साह बना हुआ है।
इंद्रगढ़ नगर पालिका चेयरमैन पद के लिए अनारक्षित महिला की लॉटरी निकली है। गत नगर पालिका कार्यकाल में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट थी। इन्द्रगढ़ नगर पालिका की चेयरमैन अनारक्षित महिला घोषित होने पर राजनीतिक गलियारों में चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हुई।
केशवरायपाटन नगर पालिका अध्यक्ष पद अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई। 25 वार्ड वाली पालिका में कुछ दिनों बाद वार्डो को आरक्षित करने के लिए लाटरी निकली जाएगी। पहले अध्यक्ष पद एससी के लिए आरक्षित था। अब अध्यक्ष पद अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित होने पर लोगों में भावी अध्यक्ष की चर्चा शुरू कर दी है।
नैनवां नगरपालिका में तीस वर्ष में दूसरी बार पालिकाध्यक्ष का पद अनारक्षित वर्ग का आया है। जयपुर में नगर निकायों में आरक्षण की खोली लॉटरी में नैनवां नगरपालिका के अध्यक्ष पद अनारक्षित वर्ग का आने के बाद अध्यक्ष के दावेदारों की संख्या बढ़ गई। कांग्रेस व भाजपा में अभी से कई दावेदारों के नाम सामने आना शुरू हो गए।
नगर निकाय चुनाव में 30 वर्ष पूर्व आरक्षण व्यवस्था शुरू हुई तब से दूसरी बार अध्यक्ष पद अनारक्षित वर्ग का आया है। नगर निकाय के वर्ष 2000 के चुनाव में अध्यक्ष का पद ओबीसी महिला, 2005 में भी अध्यक्ष का पद ओबीसी महिला का आरक्षित हुआ था। वर्ष 2010 में अध्यक्ष का चुनाव सीधा हुआ था। तब ही अध्यक्ष का पद अनारक्षित वर्ग का आया था। उसके बाद 2015 के चुनाव में अध्यक्ष का पद अनारक्षित महिला का आरक्षित हुआ था। 2021 में हुए चुनाव में अध्यक्ष का पद ओबीसी के लिए आरक्षित था।
देई नवगठित नगरपालिका देई मे पहली बार चुनावो के जरिए एससी महिला चेयरमेन बनेगी। आरक्षण से लॉटरी निकलने के बाद सीट निश्चित होने पर अब सियासी गणित शुरू हो गये। राजनीतिक दल पार्टी के एससी उम्मीदवारो मे चेहरे की तलाश करना शुरू कर दिया। वही अनारक्षित वर्ग से नगरपालिका चेयरमेन बनने का सपना देखने वालो को आरक्षण की लॉटरी निकलने के बाद निराशा हाथ लगी। सोशल मीडिया पर एससी वर्ग से उम्मीदवारी के साथ बधाइयां देने लगे है। चेयरमेन के लिए वार्ड की लॉटरी मे एसी महिला सीट को लेकर भी चर्चा रही। वही जागरूक लोगो ने काबिल चेयरमेन का चुनाव करने व विकसित शहर बनाने वाले बोर्ड के चुनाव पर भी चर्चा की। जिससे ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनने के बाद गांव को शहर बनाया जा सके। नगरपालिका देई मे 20 वार्ड मे 9880 कुल मतदाता है। जिनमे पुरूष मतदाता 4985 व महिला मतदाता 4895 है।
नगर निकाय चुनावों को लेकर कापरेन नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अनारक्षित महिला आरक्षित होने के बाद पालिका क्षेत्र में सरगर्मियां बढ़ गई है।नगरपालिका अध्यक्ष पद पर लाटरी खुलने को लेकर दिनभर लोग कयास लगाते रहे, वहीं दोपहर बाद अनारक्षित महिला के आरक्षित होने पर महिला उम्मीदवारों में उत्सुकता बढ़ गई।कापरेन नगरपालिका के इतिहास में पहली बार अनारक्षित महिला की सीट आरक्षित हुई है। पालिका में परिसीमन होने के बाद 25 वार्ड हो गए हैं।
नवगठित नगरपालिका देई में पहली बार चुनावों के जरिए एससी महिला चेयरमैन बनेगी। आरक्षण से लॉटरी निकलने के बाद सीट निश्चित होने पर अब सियासी गणित शुरू हो गई है। वहीं अनारक्षित वर्ग से नगरपालिका चेयरमेन बनने का सपना देखने वालो को आरक्षण की लॉटरी निकलने के बाद निराशा हाथ लगी। चेयरमैन के लिए वार्ड की लॉटरी में एससी महिला सीट को लेकर भी चर्चा रही।नगरपालिका देई में 20 वार्ड में 9880 कुल मतदाता है, जिनमें पुरुष मतदाता 4985 व महिला मतदाता 4895 है।
लाखेरी नगर पालिका अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के साथ ही चुनावी बिसात सजने लगी है। 34 वार्डों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के बाद लॉटरी से महिला-पुरुष वार्डों की तस्वीर साफ होगी। अध्यक्ष पद की दौड़ में दोनों वर्गों के दावेदार सक्रिय हैं। अब लगातार दूसरी बार अनारक्षित सीट होने से मुकाबला और रोचक होने के आसार हैं।