
bundi pregnant woman dies : बूंदी के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता निशा की मौत, विलाप करते परिजन। फोटो पत्रिका
Bundi News : राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है। बूंदी सरकारी जनाना अस्पताल में आज रविवार सुबह को प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता की मौत होने पर परिजनों ने तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया। साथ ही चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अस्पताल में शाम तक पुलिस जाप्ता तैनात रहा। इस दौरान आईसीयू में भर्ती नवजात को कोटा रेफर कर दिया गया।
जानकारी अनुसार धनातरी निवासी निशा (26 वर्ष) पति जगदीश निवासी धनातरी को प्रसव के लिए शुक्रवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ चन्द्रेश मीना को घर पर दिखाया था। चिकित्सक के कहने पर निशा को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिजनों के अनुसार दूसरे दिन शनिवार को चिकित्सक चन्द्रेश मीना ने वार्ड में राउंड के दौरान निशा को देखा था और सामान्य प्रसव से बच्चा होने की बात कही थी।
पर रविवार को सुबह 11 बजे प्रसव के दौरान लड़का होने के थोड़ी देर बाद निशा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। करीब पौने बारह बजे निशा की मौत हो गई। अचानक निशा की मौत होने से परिजन सकते में आ गए। नाराज और दुखी परिजनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हुआ? उन्होंने अस्पताल में हंगामा कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान पुलिस जाप्ता तैनात रहा। इस दौरान आईसीयू में भर्ती नवजात को कोटा रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉ. चन्द्रेश मीना भर्ती करने के बाद से निशा को देखने तक नहीं आई। सारा कार्य नर्स एवं रेजिडेंट चिकित्सकों के भरोसे छोड़ दिया था। प्रसव के दौरान भी कोई भी चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं था। निशा की जगदीश से 21 मार्च को शादी हुई थी।
जनाना अस्पताल के गेट पर मृतका के परिजनों के हंगामा किए जाने के दौरान पुलिस लेबर वार्ड से शव को बाहर ले आई और मोर्चरी ले जाने के लिए निजी एम्बुलेंस में रखवा दिया। इस बात का जब परिजनों को पता चला तो उन्होंने एम्बुलेंस को रोकते हुए पत्थर उठा लिए। इस दौरान माहौल पूरी तरह से गरमा गया। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त जाप्ता बुलाना पड़ा। सूचना पर उपखण्ड अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान मीना समाज के जिलाध्यक्ष रामेश्वर सिंह छरकवाड़ा ने आक्रोशित लोगों को समझाया तब जाकर शव को मोर्चरी में पहुंचाया गया।
डॉ. अमर के अनुसार शनिवार शाम को चेकअप के दौरान निशा एवं उसके परिजनों को सीजेरियन के लिए बोला गया था। लेकिन परिजन सामान्य प्रसव कराने पर अड़े रहे। प्रसव के बाद बच्चे की सांस रुक गई थी, जिसे सीपीआर देकर बचाया गया। प्रथम दृष्टया प्रसूता की मौत हृदय में रक्त का थक्का जमने से हुई है।
Updated on:
09 Aug 2026 05:37 pm
Published on:
09 Aug 2026 05:34 pm
