
बूंदी. इंटरनेट सेवाएं लगातार आठवें दिन बंद रहने से कई महत्वपूर्ण काम अटक गए। वहीं छात्रों के भविष्य पर भी संकट आ गया है। इंटरनेट सेवा बंद होने से सर्वाधिक परेशानी विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही है।
5 जनवरी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सेमेस्टर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि थी। जिले में इंटरनेट सेवा बंद होने से बड़ी संख्या में छात्र आवेदन करने से चूक गए। छात्रों के भविष्य को लेकर यहां कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई। साथ ही छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन भी नहीं किए जा रहे। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ेगा। इधर, इंटरनेट के जरिए होने वाला लेन-देन भी बंद है। इसका सीधा असर अब कारोबार पर दिखाई पडऩे लगा है। जिले के कई सरकारी कार्यालय और ग्राम पंचायतों में भी इंटरनेट सेवा के कारण कई काम अटक गए। निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। जिले में अब हर कोई इंटरनेट सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि बूंदी में मानधाता छतरी पर आयोजन के मामले में जिला प्रशासन ने 31 दिसम्बर की सुबह 6 बजे से इंटरनेट सेवा को बंद करा दिया था। इसके बाद से ही लगातार इस सेवा पर पाबंदी लगी हुई है।
ऑन लाइन व्यवस्था हो गई ठप
सूत्रों के अनुसार अब अधिकतर कार्य ऑन लाइन किए जाते हैं। जिनमें सरकारी महकमों की ऑन लाइन निविदा प्रक्रियाएं भी महत्वपूर्ण है। इंटरनेट नहीं चलने से ऑन लाइन निविदा प्रकियाएं भी जारी नहीं हो पा रही है। यदि जारी हो भी रही है तो आमजन के पास इंटरनेट सुविधा नहीं होने से ठेकेदारों को उसकी जानकारी नहीं मिल पा रही।
बेजान हो गए मोबाइल
इंटरनेट बंद होने से मोबाइल भी बेजान हो गए। दिनभर संदेशों से घनघनाते मोबाइलों की आवाज मानों बंद सी हो गई। लोगों के मोबाइलों में नेट नहीं चलने से सोशल साइटों पर लोगों की मौजूदगी भी नहीं है।
ई-मित्र बंद, कैसे हों काम
इंटरनेट बंद होने से सभी ई-मित्र बंद हो गए। सरकार ने आमजन से जुड़े सभी कार्य ई-मित्र से शुरू कर रखे हैं। ऐसे में अब इंटरनेट नहीं चलने से ई-मित्रों पर लोगों के राशन कार्ड बनाने से लेकर सभी आवश्यक काम नहीं हो रह। सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
जिला दूर संचार प्रबंधक, बूंदी बी.के. अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश पर इंटरनेट सेवा बंद है। निर्देश मिलने पर शुरू होगी।