
gajar ka halwa
बूंदी. सर्दी का मौसम सेहत बनाने वाला होता है। इस मौसम में परम्परागत और औषधीय तरीकों को अपनाकर सेहत के लिए लड्डू घर-घर बनते हैं। सर्दी के यह लड्डू मिठाई कम बल्कि औषधीय रूप में अधिक प्रयोग किए जाते हंै।
इस सीजन में घर-घर रसोई का जायका अब बदल चुका है। जहां सुबह उठते ही चाय का दौर चलता था, वहीं अब गर्मा-गर्म हलवा और लडडू का लजीज टेस्ट बेहतर हेल्थ का जायका बन चुका है। हेल्थ के लिए लाभदायक विंटर स्पेशल डिशेज से दिन एनर्जेटिक रहता है। जानकार धन्नालाल शर्मा ने बताया कि बुजुर्ग विशेष रूप से मैथी के लड्डू खाते हैं, जो कमर या जोड़ों के दर्द की दवा के रूप में काम आते हैं। मैथीदाने का इस्तेमाल करेंगे तो सर्दियों में होने वाले कमर और जोड़ो के दर्द से राहत मिलेगी। सर्दियों में खाने की दिनचर्या में कुछ बदलाव करके इन बीमारियों से बच सकते हैं। सर्दी के मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए गर्म तासीर करने वाला भोजन जरूरी है। सर्दियों में रोज सुबह अलसी के लड्डू खाने का भी चलन है।
गोंद होता है गुणकारी
सूखे मेवे के लड्डू कई तरह से बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लड्डू को गोंद के साथ बनाकर खाने पर ताकत ही नहीं बल्कि स्वाद का जायका भी दोगुना हो जाता है। विंटर में खसखस, गाजर का हलवा और ड्रायफ्रूट्स तिल्ली, मूंग का हलवा का खास महत्व है। लेखन शर्मा का कहना है कि विंटर सीजन में परिवार के सदस्यों की लजीज खाने की डिमांड बढ़ जाती है।
गाजर का हलवा
गाजर विटामिन-ए का स्त्रोत है। हलवे में दूध और ड्राई फ्रूट्स होता है, जिसमें कैल्शियम होता है। कॉलेस्ट्रोल और वेट करने के साथ हड्डियां मजबूत करता है। हलवे में घी कम डालना चाहिए। घी की जगह मलाई से हलवा टेस्टी बनता है। इसका स्वाद भी अलग से होता है।´
Published on:
06 Jan 2018 08:52 pm
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