बूंदी

सरकार भूली अपने अधिकार तो इनको दिलाना पड़ा याद

जिले में लगातार जारी बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने की मांग को लेकर गोरक्षा दल के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया

2 min read
Jan 23, 2018
The government forgot to give their rights to them
angry


बूंदी हाईकोर्ट की रोक के बावजूद जिले में लगातार जारी बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को गोरक्षा दल के सदस्यों ने परिवहन एवं खनि अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। वे दोपहर बाद खनि अभियंता से मिले।

Read More: कानून को कतर रहा चाइनीज मांझा, आदेश ताक पर

कार्यकर्ताओं ने बजरी से भरे अवैध ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करने और अवैध खनन को बंद करने की मांग उठाई। अभियंता के कोई ठोस आश्वासन नहीं देने पर वे कार्यालय में धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का भरोसा दिया। तब वे माने। दल के नितेश गांधी ने बताया कि जिले की सीमा से होते हुए बड़ी संख्या में बजरी का अवैध तरीके से परिवहन किया जा रहा है। कारवाई नहीं होने से इनके हौसलें बुलंद होते जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने बजरी का अवैध परिवहन रोकने की मांग की। कोतवाली प्रभारी रामनाथ ने अभियान चलाकर कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रदर्शन में तुषार पारीक, नितेश शर्मा, मोनू पगारा, अंकित हाड़ा, किट्टू सोनी, रामराज खटाणा, रवि शर्मा, शुभम सुमन आदि मौजूद थे।

Read More: सूर्य खोलेगा किस्मत के द्वार, नए साल में इन पर होंगी पैसों की बरसात

यहां भी जताया रोष
केशवरायपाटन. मजदूर कामगार संघ के आव्हान पर सोमवार को श्रमिकों ने प्रदर्शन कर चम्बल व अन्य स्थानों से आ रही अवैध बजरी पर रोक लगाने की मांग करते हुए सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया। संघ के संरक्षक सत्यनारायण शर्मा के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि अवैध बजरी मंगवाने वाले तो अपना कार्य कर रहे, लेकिन अन्य श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल रहा है। ज्ञापन में सभी के लिए बजरी पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुरेन्द्र मालव, पन्नालाल मेघवाल, अशफाक अली, अब्उुल वहीद, ओम सुमन, ओम केवट शािमल थे।

Published on:
23 Jan 2018 03:51 pm