अतिवृष्टि के दौरान शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पानी भर जाने से अस्पताल के बिगड़े हालात अब सुधरने लगे है।
कापरेन. अतिवृष्टि के दौरान शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पानी भर जाने से अस्पताल के बिगड़े हालात अब सुधरने लगे है। जानकारी के अनुसार अतिवृष्टि के चलते रोगियों को उपचार नही मिल पाया। चिकित्सकों ने ऐसे हालातों में भी अस्पताल के सामने खड़े होकर सड़क पर ही लोगों को उपचार के लिए दवा गोलियां लिखी और परामर्श दिया। वही बारिश का दौर थमने के साथ ही हालात सामान्य बनाने और जल्द उपचार सुविधा के लिए अस्पताल को सुव्यवस्थित करने के प्रयास शुरू किए।
परिसर से पानी कम होने के बाद टेंट लगाकर आउटडोर शुरू किया और उपचार किया। अस्पताल में जल्द इनडोर सेवाएं शुरू की गई। लेकिन बरसात से अब तक हालात सामान्य नही हो पाए हैं। जिससे आमजन को सामान्य मौसमी बीमारियों का इलाज तो मिल रहा है लेकिन गम्भीर रोगियों, प्रसूताओं को अभी भी रेफर किया जा रहा है। चिकित्सा कक्ष की सफाई करवाई जा चुकी है।
लाखों के उपकरण हो गए खराब, छोटे मोटे उपकरण मंगवाए
अस्पताल में बारिश का जल भराव होने से पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल द्वारा उपलब्ध करवाए गए सोनोग्राफी, एक्सरे, डेंटल चेयर आदि लाखों की मशीन अभी भी चलने की हालत में नहीं है। तकनीकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा। ऐसे में रोगियों की जांच प्रभावित हो रही है। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर के हालात भी अभी सुधर नही पाए हैं। रोगी वार्डो, लेबर रूम, आदि कि सफाई कार्य चल रहा है। लेबर रूम, रोगी वार्ड को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। जिससे रोगियों को भर्ती करने और उपचार में समस्या नहीं हो। रोगी वार्ड में साफ सफाई के बाद रोगियों को भर्ती करने और उपचार देने का काम शुरू कर दिया गया है। वही अभी इमरजेंसी वार्ड में कुछ रोगियों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। अस्पताल की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था शुरू करवाई गई है।
सहयोग से मंगवाए कुछ जांच उपकरण
चिकित्सालय प्रभारी ने बताया कि केशवरायपाटन में भामाशाह सीपी ओझा द्वारा बायोकेमिस्ट्री जांच मशीन उपलब्ध करवाई गई है। देहीखेड़ा अस्पताल से सीबीसी मशीन मंगवाई गई है। स्थानीय स्तर पर बीपी, फेटा अडॉप्टर आदि उपकरण मंगवाए गए हैं। जिससे रोगियों की जांच की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। आसपास के अस्पताल से आवश्यक दवाएं गोलियां उपलब्ध करवाई गई है। अस्पताल आने वाले रोगियों को उपचार मिलना शुरू हो गया है। गम्भीर रोगियों को रैफर किया जा रहा है। वही सोमवार से रोगी वार्डो में रोगियों को भर्ती करने और उपचार की सुविधा शुरू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।