शिक्षा विभाग का नवाचार-संस्था प्रधानों को मिला पीईईओ का दर्जा, मॉनिटरिंग से लेकर तनख्वाह और अवकाश का जिम्मा पीईईओ को
बूंदी. ग्राम पंचायत में शिक्षण व्यवस्था का मुखिया अब पीईईओ होगा। प्रदेश में शिक्षा विभाग ने नवाचार करते हुए ग्राम पंचायत के आदर्श विधालयों के संस्था प्रधान को पीईईओ पंचायत एलिमेंट्री एज्यूकेशन ऑफिसर की जिम्मेदारी सौपी गई है। इस नवाचार के बाद ग्राम पंचायत क्षेत्र में आने वाले प्रारम्भिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र सहित सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग संस्था प्रधान यानि पीईईओं के जिम्मे होगी। पीईई ओ को मासिक बैठक कर योजनाओं का क्रियान्वयन करना होगा। बूंदी जिले में १८३ ग्राम पंचायत स्तर पर आदर्श स्कूलों के संस्था प्रधान यानि पीईईओ को उत्कृष्ट स्कूल को भी मॉडल के डेवलप करना है साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार, आदर्श सिनियर सेकेंड्री स्कूल जो पंचायत स्तर पर है उनको रिर्सोस सेंटर यानि उत्कृष्ट स्कूल के रूप में बनाना।
Read More: कागजों में गुम हो गई तम्बाकूमुक्त घोषणा-
तनख्वाह-छुट्टी भी इन्ही के जिम्मे-
नई कवायद के बाद सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी इस कार्य से मुक्त हो गए है। अब पीईईओ ही ग्राम पंचायत क्षेत्र में आने वाले आगंनबाड़ी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक कर्मचारियों की तनख्वाह भी खुद बनाएगे और अवकाश की स्वीकृति का जिम्मा भी इन्ही का होगा। साथ ही उनको मार्गदर्शन देगें ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो। पंचायत के सभी अधिकार पीईईओ के पास आ गए है। उस क्षेत्र के स्क्ूल नियमित रूप से पढ़ाई शाला दर्शन शाला पोर्टल नामांकन सभी मॉनिटरिंग होगी। स्क्ूलों की गुणवत्ता बढ़ाएगें।
यूपीएस में मर्ज होगी आंगनबाड़ी
आंगनबाड़ी केन्द्र अब यूपीएस में भी मर्ज होगें। इनका सुपरविजन भी पीईईओ करेगें। जिले की आंगनबाड़ी केन्द्रो पर बिगड़ती व्यवस्था को लेकर यह प्रयास किए गए है। पीईईओ को अपने पंचायत क्षेत्र की सुचनाए अपडेट करने के साथ ै विधालय का विकास करवाना है। पंचायत स्तर पर जो विधालय के लिए पैसा आता है वो भी सरपंच से मिलकर इन्हें स्वीकृत करवाना है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, आदर्श सिनियर जो पंचायत स्तर पर है उनको रिर्सोस सेंटर के रूप में बनाना होगा।
जिला शिक्षा अधिकार तेजकंवर ने बताया कि पंचायत स्तर पर आदर्श स्कूलों के संस्था प्रधानों को पीईईओ का महत्पर्वूण रोल निभाना होगा। पहले चार मुख्यालय पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को यह कार्य करना होता था लेकिन नियमित रूप से इनकी मॉनिटरिंग नही होने के चलते अब पीईईओ का कार्य करना है। शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सहित अपने क्षेत्र की सुचना संग्रहित कर अपडेट देना है इसके लिए हर माह बैठक करके रिपोर्ट भेजनी होगी।