हाइवे पर दम तोड़ रही जिंदगी बुरहानपुर. शहर में वाहन दुर्घटनाओं के साथ मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साल 365 दिन में 378 वाहन दुर्घटनाओं में 103 लोगों की मौतें होने के साथ 447 लोग गंभीर जख्मी होकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। मृतकों के साथ घायलों में सबसे […]
बुरहानपुर. शहर में वाहन दुर्घटनाओं के साथ मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साल 365 दिन में 378 वाहन दुर्घटनाओं में 103 लोगों की मौतें होने के साथ 447 लोग गंभीर जख्मी होकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। मृतकों के साथ घायलों में सबसे अधिक युवाओं की संख्या है।हादसों की रोकथाम के लिए प्रशासन के प्रयास भी नकाफी साबित हो रहे है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले दो सालों की तुलना में कम हुआ है।
जिले में वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह की शुरूआत की गई।सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय में कलेक्टर हर्ष सिंह,पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह को लेकर अफसरों की बैठक ली। पुलिस, परिवहन विभाग के साथ अन्य विभाग के अफसर भी स्कूलों, बाजार क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाएंगे। डंपर, ट्रैक्टर ट्रॉलियोंं के पिछले हिस्से में मानक स्तर के रेट्रो रिफ्लेक्टर टेप लगेंगे। हाइवे पर ब्लैक स्पॉट, सडक़ों पर फैला अतिक्रमण, झाडिय़ों की कटाई, ब्रेकर, संकेतक बोर्ड लगाने की कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने कहा कि दो पहिया, चार पहिया वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों पर सख्ती करेंगे। मोटर व्हीकल एक्ट का उलंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलेगा। बैठक में अतिक्रमण को हटाने के साथ बाजार की सडक़ों पर पार्किंग व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सृजन वर्मा, एडीएम वीरसिंह चौहान मौजूद थे।
पुलिस ने हाइवे पर ब्लैक स्पाट चिह्नित किए है। यहां पर सबसे दुर्घटनाएं होती है।अधिकांश पुराने ब्लैक स्पॉट खत्म हो गए है, लेकिन शनवारा मंडी गेट, गणपति नाका, शाहपुर रोड के साथ खकनार रोड पर भी ब्लैक स्पॉट चिन्हित है।जहां पर सुधार का कार्य प्रस्तावित है।
स्पीड ब्रेकर बनें रहे हादसे का कारण
शहर की मुख्य सडक़ों के साथ हाइवे पर स्पीड ब्रेकरों के मापदंड का पालन किए बिना ही कंपनी एवं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बड़े स्पीड ब्रेकर बना दिए गए जो अब हादसों का कारण बिन रहे है।रात्रि के समय यह दिखाईनहीं देते है, जिससे स्पीड में आने वाले वाहन अनियंत्रित होने के बाद डिवाइडरों में घुस रहे है।ऐसे में किसी दिन बड़ा हादसा होने की संभावना है।
साल हादसे मौतें
2025 378 103
2024 384 79
2023 386 89
2022 387 94
2021 315 80