
बुरहानपुर. 50 साल बाद ऐसा तूफान आया है कि पूरी केला फसल जमींदोज हो गई। सांसद और कैबिनेट मंत्री जिले में होने के बाद भी अब तक किसानों को कोई सहायता नहीं मिली है। हमने सरकार से २०० करोड़ के विशेष पैकेज की मांग की है। यह प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह तुरंत सहायता करें। इसके लिए मैं खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिखूंगा।
यह बात कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कही। उन्होंने कहा कि रविवार को २५ गांव का दौरा किया है। हमारी मुख्य रूप से यह मांग है कि मुआवजा प्रति पौधे के हिसाब से मिलना चाहिए। किसानों का पिछला कर्जा भी पूरा माफ किया जाए। किसानों का हर साल बीमा जरूर होता है, लेकिन अब तक कुछ मिला नहीं। सांसद नंदकुमारसिंह चौहान द्वारा कहा गया था की यूपीए सरकार के समय किसान को ५ करोड़ से अधिक का मुआवजा कभी नहीं मिला। इस पर यादव ने कहा कि ७२ हजार करोड़ का कर्जा माफ किसानों का किया था। वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय रघुवंशी, रविंद्र महाजन आदि मौजूद थे।
आज शाहपुर में धरना आंदोलन भी
१ और ६ जून को आंधी तूफान से नष्ट हुई केला फसल पर अब तक किसानों को जनप्रतिनिधि और अफसरों का आश्वासन मिला है, लेकिन अब तक मुआवजे की फुटी कौड़ी किसानों को नहीं मिली। इससे त्रस्त किसानों ने अब आंदोलन की राह अपना ली है। प्रगतिशील किसान संगठन ११ जून को सुबह १० बजे शाहपुर बस स्टैंड पर धरना आंदोलन करेंगे। इसमें प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव भी शामिल होंगे।
प्रगतिशील किसान संगठन के अध्यक्ष रघुनाथ पाटिल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से केला फसल नष्ट होने से किसान आर्थिक संकट में आ गए। शासकीय और निजी लोगों का कर्जा चुकाने में किसान चिंता ग्रस्त हो गया है। शासन-प्रशासन को किसानों की चिंता नहीं है। अब तक केवल दौरे कर मौखिक आश्वासन दे रहे हैं। इसलिए शांतिपूवर्क धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री दौरे पर प्रशासन अलर्ट
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। भोपाल तक बुरहानपुर में केला फसल को लेकर हलचल मचा हुआ है। सीएम ने बुरहानपुर आने के लिए पूरी तरह आश्वस्त तो किया है लेकिन यह कब तक आएंगे यह अभी तय नहीं हुआ है।