तहसीलदार के आवेदन पर लालबाग पुलिस ने दर्ज किया केस illegal colony. लालबाग पुलिस ने मोहम्मदपुरा में दो अवैध कॉलोनी काटने वाले सात कॉलोनाइजरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसडीएम कार्यालय से जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने पंचायत राज्य एवं ग्राम स्वाराज अधिनियम की धारा 61 घ के […]
तहसीलदार के आवेदन पर लालबाग पुलिस ने दर्ज किया केस
illegal colony. लालबाग पुलिस ने मोहम्मदपुरा में दो अवैध कॉलोनी काटने वाले सात कॉलोनाइजरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसडीएम कार्यालय से जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने पंचायत राज्य एवं ग्राम स्वाराज अधिनियम की धारा 61 घ के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। पुलिस जांच के बाद आगे की धाराएं भी बढ़ाई जाएगी।
तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया कि शहर सहित आसपास के अंचल में बिना अनुमति के कृषि एवं डायवर्सन भूमियों पर अवैध कॉलोनियां काटकर छोटे, छोटे भूखंड में प्लॉटों का विक्रय किया गया है। जनसुनवाई के साथ सीएम हेल्पलाइनों पर शिकायतें मिलने के बाद राजस्व विभाग द्वारा जांच कर नोटिस जारी कर रहा है। एसडीएम कार्यालय से दो अवैध कॉलोनियों का जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद लालबाग थाने में आवेदन देकर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है। राजस्व न्यायालय में कुछ कॉलोनियों के प्रकरण लंबित है, जल्द ही अन्य कॉलोनाइजरों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया जाएगा।
इन कॉलोनाइजरों को बनाया आरोपी
पुलिस के अनुसार तहसीलदार से दो जांच प्रतिवेदन मिले। एक अवैध कॉलोनी के प्रकरण में कॉलोनाइजर संदेश कुमार पिता अनिल कुमार महेश्वरी निवासी गीता साईनगर को आरोपी बनाया गया है। दूसरी अवैध कॉलोनी के प्रकरण में शफीउल्ला पिता कुदरत उल्ला,एहसान उल्ला पिता कुदरत उल्ला, पठान सरफराज पिता रमजान खान, इरफान उल्ला पिता कुदरत उल्ला, शेख जावेद पिता अब्दुल हक और पठान नुसरत खान पिता रमजान खान को आरोपी बनाया है।
60 के खिलाफ होनी है एफआइआर
एसडीएम न्यायालय में 19 अवैध कॉलोनियों के करीब 60 कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रकरण चल रहे है। अभी तक तीन कॉलोनियों के 10 कॉलोनाइजरों पर प्रकरण दर्ज कराया गया है। प्रशासन ने ऐसे 50 अवैध कॉलोनाइजरों की सूची बनाई है जिनके खिलाफ एफआईआर की जानी है। कॉलोनाइजरों ने प्लाटधारकों को कई तरह की सुविधाएं देने का वादा किया था. जिनमें कालोनी के अंदर सीसी सडक़, नाली निर्माण, पार्क, मंदिर सहित अन्य सुविधाएं देने की बात कही गई थी, लेकिन कॉलोनी काटने के बाद मुकर गए। अब प्लाटधारक मूलभूत सुविधाओं के परेशान होना पड़ रहा है।