बुरहानपुर

अंतरराष्ट्रीय तेंदुआ दिवस: सतपुड़ा के जंगलों में बढ़ा तेंदुओं का कुनबा, 54 प्रतिशत भू-भाग पर जंगल

MP News: जिले में लगभग 54 प्रतिशत भू-भाग पर जंगल है। टाइगर, तेंदुओं के साथ वन्य प्राणियों की विभिन्न प्रजातियां है। जंगल में करीब 30 से ज्यादा तेंदुए है।

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Leopard Population (Photo Source: Social Media)

MP News: सतपुड़ा की पहाडिय़ों के बीच बसे बुरहानपुर के जंगल में तेंदुओं का कुटुंब बढ़ रहा है। 8 रेंज में फैले एक लाख 90 हजार हेक्टेयर के जंगल के साथ सीमा से लगे महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर रिजर्व की तरफ से वन्य प्राणियों का आवागमन होता है। यहां लगातार वन्य प्राणी देखने को मिल जाते हैं। नेपानगर, शाहपुर, खकनार के साथ धूलकोट, बुरहानपुर रेंज में अभी तेंदुओं का मूवमेंट देखने को मिल रहा है। वन्य अभ्यारण्य बनने से वन्य प्राणियों की सुरक्षा मजबूत होगी। इंदौर के चिडिय़ा घर में वन्यप्राणी अठखेलियां करते नजर आते हैं। जिन्हें देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठते हैं और उन पलों को कैमरे में कैद कर लेते हैं।

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जिले के 54 प्रतिशत भाग में जंगल

जानकारी के लिए बता दें कि जिले में लगभग 54 प्रतिशत भू-भाग पर जंगल है। टाइगर, तेंदुओं के साथ वन्य प्राणियों की विभिन्न प्रजातियां है। जंगल में करीब 30 से ज्यादा तेंदुए है। जंगल महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर रिजर्व से लगा होने से बड़ी संख्या में वन्य प्राणी जंगल में पहुंच जाते हैं।

गर्मी के समय पानी की कमी के कारण तेंदुए सहित अन्य वन्य प्राणी जलस्रोतों के आसपास रुख कर रहे हैं। शासन ने महाराष्ट्र सीमा से लगे खकनार और बोदरली रेंज के जंगल में महात्मा गांधी अभयारण्य बनाने की मंजूरी दी है। यह अभयारण्य बनने से वन्य प्राणियों की सुरक्षा बढ़ेगी। दोनों रेंज में 40 हजार एकड़ से ज्यादा वनक्षेत्र आरक्षित किया जाएगा। जंगलों में आने वाले बाघ और तेंदुओं को अपना कुनबा बढ़ाने के लिए अनुकूल और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। जंगल में तेंदुओं के साथ भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, जंगली बिल्ली सहित मांसाहारी वन्यप्राणियों की मौजूदगी बढ़ेगी।

बंभाड़ा, नेपानगर में मवेशियों का शिकार

शाहपुर के बंभाड़ा में दो साल से लगातार एक मादा तेंदुए का मूवमेंट बना हुआ है। यहां के ग्रामीण बताते है कि मादा तेंदुए के साथ शवक भी नजर आए थे। घरों के बाहर बंधे मवेशियों का शिकार किया था। नेपानगर में भी कई बार तेंदुए मवेशियों का शिकार करते है। तेंदुआ या अन्य वन्य प्राणी किसी मवेशी का शिकार करता है तो इसके लिए मुआवजे का प्रावधान है। पूरी प्रक्रिया के बाद संबंधित व्यक्ति के खाते में राशि जमा हो जाती है।

जिले के जंगल में तेंदुओं की संख्या अधिक है, घने जंगल, पहाडिय़ों के पास लगातार कुटुंब बढ़ रहा है। जंगल में वन्य प्राणियों के लिए पानी और भोजन दोनों पर्याप्त है। वन्य अभयारण्य प्रक्रिया में है। - अजय सागर, एसडीओ, वन विभाग, बुरहानपुर

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Published on:
03 May 2026 08:01 am
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