
BJP MLA Missing posters: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की राजनीति में गुरूवार को अचानक हलचल मच गई। इस सियासी हलचल मचने का कारण मंगरूल रोड पर स्थित निंबोला गांव में लगा पोस्टर था जिसमें लिखा था- विधायक लापता। बताया जा रहा है कि हाल ही में आए आंधी-तूफान से गांव में हुए नुकसान के बाद नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू (Manju Rajendra Dadu) के निरीक्षण नहीं करने से नाराज लोगों ने ये पोस्टर लगाए है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा गांव के प्रमुख मार्गों और खेतों के आसपास विधायक के लापता होने संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। वहीं इस मामले में निंबोला पुलिस का कहना है कि इस संबंध में उन्हें अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। पोस्टर को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग भी शुरु हो चुकी है।
दरअसल संभावना है कि जिलेभर के कई गांव में आंधी-तूफान से फसलों को नुकसान हुआ। विधायक कही जगहों पर जाकर निरीक्षण कर रही है, लेकिन निंबोला क्षेत्र में नहीं आने से नाराज लोगों ने यह पोस्टर लगाए है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा गांव के प्रमुख मार्गों और खेतों के आसपास विधायक के लापता होने संबंधी पोस्टर लटकाए। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
विधायक मंजू दादू के लापता वाले पोस्टर को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के विधायकों को उनके क्षेत्र की जनता की कोई फिक्र नहीं है। वे नहीं जानते की उनके क्षेत्र की जनता पर क्या बीत रही है। विधायक जो क्षेत्र से गायब है उन्हें ढूंढ कर लाओ। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने मांग की कि किसानों के हित के लिए फसल बीमा को लागू कर दो। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा है कि विधायक मंजू क्षेत्र के सबसे एक्टिव विधायकों में से एक है जो सबकी दिक्कतें सुनती है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कस्ते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए ऐसी सस्ती राजनीति कर रही है।
बता दें कि, मंजू राजेंद्र दादू बुरहानपुर की नेपानगर (एसटी) विधानसभा सीट से दूसरी बार की विधायक है। मंजू साल 2016 में अपने पति और पूर्व भाजपा विधायक राजेंद्र श्यामलाल दादू के कार एक्सीडेंट में मौत के बाद हुए उपचुनाव में पहली बार विधायक बनी थी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में मंजू को कांग्रेस की सुमित्रा देवी कास्डेकर (अब भाजपा में) ने शिकस्त दी थी। इसके बाद साल 2023 के चुनाव में मंजू राजेंद्र दादू को जनता दोबारा विधायक की गद्दी पर बैठाया था।