VB GRAMG vs MGNREGA: मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी कानून बनाया गया, यह 14 जुलाई से लागू होने जा रहा है, इससे पहले भोपाल में अफसर ट्रैनिंग लेने आ रहे हैं, सरकार का बड़ा दावा नया अधिनियम ग्रामीण आजीविका को मजबूती देगा, अधोसंरचना को मिलेगी गति, नई व्यवस्था में क्या होगा खास, पांच बड़े बदलाव जानने पढ़ें पूरी खबर

VB GRAMG Act vs MGNREGA: मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में 1 जुलाई से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबीजी रामजी) अधिनियम 2025 लागू हो जाएगा। इसके लागू होते ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) स्वत: समाप्त हो जाएगा। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब साल में 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसका क्रियान्वयन एक जुलाई से होना है, बुरहानपुर से जिला परियोजना समन्वयक विजय पचोरी भोपाल में ट्रेनिंग पर गए हैं। उनके आते ही इस काम को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सरकार का दावा है कि नया अधिनियम ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के साथ अधोसंरचना विकास को भी गति देगा। योजना में रोजगार के साथ जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका आधारित परिसंपत्तियों और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। वीबी.जी रामजी अधिनियम (VB GRAMG Specialities) के तहत काम मांगने पर तय समय में रोजगार देना अनिवार्य होगा। रोजगार नहीं मिलने पर श्रमिक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होंगे। मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा तथा देरी होने पर क्षतिपूर्ति भी मिलेगी।
नई व्यवस्था में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, रियल टाइम डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, पंजीयन और रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ग्राम सभा नियमित सामाजिक अंकेक्षण करेगी।
प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिन रोजगार की गारंटी। समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता। मजदूरी का सीधे खाते में डीबीटी भुगतान। एआई और डिजिटल तकनीक से पारदर्शी निगरानी। ग्राम पंचायत आधारित विकास योजनाओं को बढ़ावा। सरकार का मानना है कि यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। गांवों में रोजगार एवं बुनियादी सुविधाओं के का आधार बनेगा।
- मनरेगा में पहले साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी।
- पारंपरिक निगरानी व्यवस्था।
- केवल रोजगार सृजन पर जोर।
- कार्यों की सीमित श्रेणियां।
- भुगतान प्रक्रिया में देरी की शिकायतें।
- साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी
- एआई, बायोमेट्रिक और रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग
- रोजगार के साथ आजीविका और उत्पादक परिसंपत्तियों पर फोकस
- जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता
- डीबीटी से समयबद्ध भुगतान, देरी पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान
एक जुलाई से वीजी रामजी का क्रियान्वयन होना है। इसकी ट्रेनिंग के लिए भोपाल आए हैं। जल्द इसका क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।
- विजय पचोरी, जिला परियोजना समन्वयक, बुरहानपुर