
लोहार मंडी की घटना से सबक लेने की जररूत
आयुक्त बोले, सर्वे कर कराएंगे बंद
Burhanpur news. शहर की रिहायशी क्षेत्रों में नियम विरूद्ध तरीके से गोदाम,कारखाने और फैक्ट्रियां संचालित की जा रही है। लोहार मंडी गेट के पास गोदाम में हुई आग की घटना दोबारा से इन जगहों पर भी हो सकती है, क्योकि यह घनी आबादी में होने के साथ ही एक चिंगारी से बड़ा विस्फोड हो सकता है। प्लास्टिक गोदाम,कपड़ा साइजिंग, प्रोसेस के साथ रस्सी के गोदाम कही जगहों पर देखने को मिल रहे है। यह ज्वलनशील सामग्रियों के गोदाम शहर के बाहर होना चाहिए।
पत्रिका टीम ने शहर के अलग,अलग रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचकर सर्वे किया। जिसमें देखा गया कि घनी आबादी वाली बस्तियों में गोदाम,कारखानें,फैक्ट्रियां लगी है। जबकि आसपास प्लास्टिक सहित खाद्य पदार्थ के सामान के गोदाम बने है। कही गोदाम ऐसे भवनो में संचालित हो रहे है जो रहवासी भवन होने के बाद भी इसका उपयोग कमर्शियल रूप में किया जा रहा है। लोहार मंडी में रस्सी गोदाम पर हुई आग की घटना के बाद अब निगम प्रशासन शहर के सभी 48 वार्डों में सर्वे कर बस्तियों में संचालित गोदाम, कारखानों को बंद करने की बात कह रहा है।
आलमगंज
वार्ड नंबर 22 आलमगंज,मालीवाड़ा क्षेत्र। रिहायशी क्षेत्र में एक साइजिंग के साथ टेक्सटाइल संचालित हो रही है। घरों से लगे भवनों में बड़े गोदाम बनाकर कपड़ा की गठान का भंडारण करने के साथ कच्चा माल बड़ी मात्रा में रखा है। साइजिंग में दो बार बड़ी आग की घटना हो हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध को प्रशासन हर बार नजरअंदाज करना है। पूर्व में हुई आग की घटना के समय आसपास के मकानों को खाली कराया गया था। साइजिंग के साथ कपड़ा गोदाम से लोगों में डर का माहौल है।
लोहार मंडी
रविवार के दिन जिस क्षेत्र में तीन मंजिला रस्सी गोदाम में आग की घटना हुई थी। उससे कुछ ही दूरी पर एक ओर रस्सी का गोदाम बना हुआ है। यहां पर दो मंजिला भवन में सीढिय़ों से लेकर ऊपरी मंजिल तक रस्सी एवं तैयार माल रखा हुआ। जबकि प्रशासनिक अफसरों ने भवन को तत्काल खाली करने के लिए कहा था। इस गोदाम के पास ही किराना दुकान होने के साथ आसपास बड़ी संख्या में लोग निवास करते है।
कबाड़,प्लास्टिक के गोदाम
वार्ड नंबर 26 डॉ.राजेंद्र प्रसाद वार्ड पेट्रोल पंप के पीछे का हिस्से में बड़ी मात्रा में गोदाम है। यहां पर कबाड़, प्लास्टिक, ट्रांसपोर्ट से लेकर बारदान सहित अन्य खाद्य पदार्थ एवं ज्वलनशील सामग्री के गोदाम संचालित हो रहे है। पूर्व में यहां पर एक कबाड़ के गोदाम में आग की घटना हुई थी, लेकिन उसके बाद फिर से अलग,अलग कबाड़ के गोदाम एवं दुकानें संचालित की जा रही है। जबकि यहां पर आग बुझाने के संसाधन तक नहीं है। ऐसे गोदाम बारूद की तरह है जो एक सिंगारी से भडक़ सकते है।
फैक्ट्री के आसपास बढ़ी आबादी
खंडवा रोड पर निजी पेट्रोल पंप के पीछे एक फैक्ट्री एवं प्रोसेस संचालित है। पहले यहां पर आबादी नहीं थी,लेकिन अब फैक्ट्री के आसपास घनी आबादी का क्षेत्र हो गया है। फैक्ट्री के पीछे भी लकड़ी के गोदाम बने है।जबकि इस फैक्ट्री तक पहुंचने के लिए बड़ा रास्ता तक नहीं है। एक संकरी गली से बाहर गुजरना पड़ा है, जिससे अगर बस्ती में कोई घटना होती है तो फायर वाहनों को निकलने से लेकर आवागमन करने में काफी परेशानियां होगी।