
Yogesh Kumar Surjiya Mount Elbrus Climb: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले पर्वतारोही योगेश कुमार सुरजिया ने रूस में इतिहास रच दिया। योगेश ने रूस (Russia) में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस के वेस्ट समिट (Mount Elbrus West Summit) पर सफलतापूर्वक पहुंचकर देश और एमपी का नाम गौरवान्वित किया।
योगेश ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समुद्र तल से 5642 मीटर (18510 फीट) की ऊंचाई पर स्थित एल्बुस के वेस्ट समिट पर भारतीय तिरंगे के साथ मध्यप्रदेश का हार्ट ऑफ इंडिया का ध्वज भी फहराया। योगेश ने इस अभियान के माध्यम से केवल भारत का गौरव बढ़ाने का ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में मप्र और बुरहानपुर को प्रमोट करने का भी प्रयास किया। शिखर पर प्रदेश का ध्वज फहराकर उन्होंने देश. विदेश के पर्वतारोहियों के बीच मप्र की पहचान और इसकी गौरवपूर्ण संस्कृति को सामने रखने का संदेश दिया।
माउंट एल्ब्नुस की चढ़ाई पूरी करने में योगेश को 6 दिन का समय लगा। अभियान के दौरान मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। तेज हवाओ, बर्फीले रास्तों और अत्यधिक ठंड के बीच उन्हें कई कठिन परिस्थितियो का सामना करना पड़ा। चढ़ाई के दौरान तापमान लगभग माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ऊंचाई बढने के साथ परिस्थितियां और कठिन होती गई।
तेज हवाओ के कारण आगे बढने में काफी परेशानी हुई, लेकिन योगेश ने अपने लक्ष्य से पीछे हटने के बजाय लगातार प्रयास जारी रखा और आखिरकार 15 अगस्त को सफलता पूर्वक वेस्ट समिट पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत का तिरंगा और मप्र का ध्वज 5642 मीटर की ऊंचाई पर फहराना मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। मेरा उद्देश्य अपनी उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश और बुरहानपुर को दुनिया के पर्वतारोहण मानचित्र पर पहचान दिलाना भी है। योगेश ने बताया कि हम पांच लोगो ने एक साथ चढ़ाई शुरू की, इसमें लेबेनियन आर्मी से एक, कैनेडा से और बाकी तीन भारतीय थे। सभी ने इसे पूरा किया।
पर्वतः माउंट एल्ब्रुस
स्थानः काकेशस पर्वत श्रृंखला,रूस
वेस्ट समिट की ऊंचाई:18510 फीट
स्थितिः यूरोप का सर्वोच्य बिंदु
प्रकृतिः सुप्त ज्वालामुखी
अभियान अवधिः 6 दिन
अभियान के दौरान तापमानः
लगभग -20 डिग्री