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Adani Total Gas Share: चारों तरफ मंदी के बीच 2 दिन में 37% उछल गया अडानी ग्रुप का यह शेयर, लगातार जारी है तेजी

Adani Total Gas Share: नेचुरल गैस की सप्लाई से जुड़े संकट और कीमतों में उछाल के बीच अडानी टोटल गैस के शेयर में भारी तेजी देखी जा रही है। 2 दिन में कंपनी के शेयर 37 फीसदी उछल गए हैं।

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Mar 12, 2026
अडानी टोटल गैस के शेयर में भारी तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)

Adani Total Gas Share: एक तरफ जहां शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है, सेंसेक्स 900 पॉइंट डाउन है, वहीं दूसरी तरफ एक ऐसा शेयर है जिसमें जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। यह अडानी टोटल गैस का शेयर है। गुरुवार को कंपनी के शेयर में 14% से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सख्त होने की आशंका से इस शेयर में तेजी देखी गई।

बीएसई पर कंपनी का शेयर इंट्राडे में 14.19% चढ़कर 650 रुपये तक पहुंच गया। यह लगातार दूसरा दिन है, जब कंपनी के शेयरों में तेजी आई है। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी यह शेयर करीब 20% उछल गया था।

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Adani Total Gas के शेयर क्यों बढ़ रहे हैं?

अडानी टोटल गैस के साथ-साथ अन्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों जैसे Gujarat Gas और Indraprastha Gas के शेयर भी बढ़े हैं। गुजरात गैस का शेयर 10% बढ़कर 432 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, इंद्रप्रस्थ गैस का शेयर भी 1% से ज्यादा बढ़कर 164.40 रुपये पर पहुंच गया। निवेशकों को उम्मीद है कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और सरकार द्वारा जरूरी क्षेत्रों को गैस सप्लाई में प्राथमिकता देने से इन कंपनियों को फायदा हो सकता है।

सरकार ने नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर जारी किया है, जिसमें परिवहन में इस्तेमाल होने वाली CNG और घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को गैस आवंटन में प्राथमिकता दी गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG सप्लाई में बाधा और वैश्विक गैस बाजार में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौजूदा समय में ऊर्जा सुरक्षा एक अहम मुद्दा बन गया है, इसलिए गैस यूटिलिटी कंपनियों को निवेशक डिफेंसिव और स्टेबल मांग वाले सेक्टर के रूप में देख रहे हैं।

कतर की सप्लाई पर असर

कतर, जो दुनिया की लगभग 20% LNG सप्लाई करता है, ने पिछले हफ्ते Ras Laffan एक्सपोर्ट फैसिलिटी को बंद कर दिया। यह फैसला ईरानी ड्रोन हमले के बाद लिया गया। इससे यूरोप और एशिया में गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। भारत अपनी लगभग आधी LNG जरूरत कतर से पूरी करता है, इसलिए भारत अब तुरंत डिलीवरी के लिए अन्य देशों से गैस खरीदने की कोशिश कर रहा है।

भारत में गैस की डिमांड

पिछले साल भारत में 33.15 मिलियन मीट्रिक टन कुकिंग गैस की खपत हुई, जिसमें से लगभग 60% आयात के जरिए पूरी हुई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन आयातों में से करीब 90% मिडिल ईस्ट से आई थी। भारत रोजाना लगभग 190 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस की खपत करता है, जिसमें से लगभग आधी गैस आयात करनी पड़ती है।

औद्योगिक ग्राहकों को गैस सप्लाई प्रभावित

Adani Total Gas ने बुधवार को बताया कि उसके कुछ गैस सप्लायरों ने सप्लाई कम कर दी है, जिससे औद्योगिक ग्राहकों को गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। कंपनी ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा जारी नए आदेश और घरेलू PNG तथा CNG ग्राहकों को प्राथमिकता देने के फैसले का वह स्वागत करती है।

औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस महंगी

रिपोर्ट के अनुसार, LNG सप्लाई में बाधा के कारण कंपनी ने बड़े औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की कीमत लगभग तीन गुना बढ़ा दी है। औद्योगिक गैस की कीमत 40 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर से बढ़ाकर लगभग 119 रुपये कर दी गई है।

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Published on:
12 Mar 2026 12:27 pm
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