
Advit Jewels IPO: ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी अद्वित ज्वेल्स का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल चुका है और शुरुआती संकेत उत्साह बढ़ाने वाले नजर आ रहे हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे लिस्टिंग गेन की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। हालांकि, वैल्यूएशन को लेकर कुछ एक्सपर्ट सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे हैं। कंपनी का आईपीओ 25 जून 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। अद्वित ज्वेल्स इस इश्यू के जरिए 165 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। खास बात यह है कि पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों का है, यानी कंपनी को सीधे पूंजी मिलेगी।
आईपीओ खुलने के साथ ही ग्रे मार्केट में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। मंगलवार सुबह 11 बजे अद्वित ज्वेल्स का शेयर 138 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले 65 रुपये के ग्रे मार्केट प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा। यानी कंपनी का शेयर 47.10 फीसदी के प्रीमियम के साथ 203 रुपये पर लिस्ट हो सकता है।
बोली प्रक्रिया के पहले दिन सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक यह आईपीओ कुल 3.53 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इस समय तक आईपीओ में योग्य संस्थागत निवेशकों का कोटा सबसे कम 0.01 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर संस्थागत निवेशकों का कोटा सबसे अधिक 6.81 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इसके अलावा, रिटेल निवेशकों का कोटा 4.14 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कंपनी ने आईपीओ में प्राइस बैंड 130 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ का आकार 165 करोड़ रुपये है। इसमें एक लॉट 100 शेयरों का है। आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट 26 जून 2026 को होने की संभावना है। आईपीओ में रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। वहीं, शेयर की लिस्टिंग 1 जुलाई 2026 को होने की संभावना है।
अद्वित ज्वेल्स मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मॉडल पर काम करती है। कंपनी ज्वेलरी डीलर्स, रिटेलर्स और शोरूम को आभूषण सप्लाई करती है। इसके अलावा कंपनी कस्टमाइज्ड और ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के जरिए सीधे ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।
ब्रोकरेज फर्म इक्विविजन ने इस आईपीओ को 'बाय' रेटिंग दी है। फर्म का कहना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है और ज्वेलरी सेक्टर की संभावनाएं बेहतर दिख रही हैं। हालांकि, वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के आधार पर कंपनी का वैल्यूएशन अपने लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में थोड़ा महंगा नजर आता है।
सेबी रजिस्टर्ड फंडामेंटल मार्केट एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि इश्यू की कीमत थोड़ी ऊंची जरूर लगती है, लेकिन मौजूदा बाजार माहौल और ज्वेलरी इंडस्ट्री की संभावनाओं को देखते हुए निवेशक लिस्टिंग गेन के नजरिए से इसमें आवेदन करने पर विचार कर सकते हैं।