Amara Raja EV plan: भारत में लिथियम-आयन बैटरी निर्माण तेज हो रहा है, लेकिन शुरुआती दौर में कीमतें ज्यादा रहेंगी। Amara Raja 2027 से बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू करेगी।
Amara Raja Share News: भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का भविष्य शानदार दिख रहा है, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि फिलहाल सस्ती बैटरी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। Amara Raja Energy & Mobility के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कहा है कि देश में बनने वाली लिथियम-आयन बैटरियां शुरुआती दौर में आयात की तुलना में महंगी ही पड़ेंगी। चीन ने इस इंडस्ट्री को खड़ा करने में करीब 20 साल लगाए हैं और भारत अभी शुरुआत कर रहा है।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विक्रम गौरिनेनी का कहना है कि भारत में बनी बैटरियों की कीमत कम से कम 15% ज्यादा रह सकती है। क्योंकि कच्चे माल से लेकर कंपोनेंट्स तक का पूरा सिस्टम अभी तैयार नहीं है। जब तक बैटरी बनाने वाली कंपनियां 8 से 10 GWh के बड़े स्तर तक नहीं पहुंचतीं और सप्लाई चेन मजबूत नहीं होती, तब तक लागत कम होना मुश्किल है।
देश की दिग्गज बैटरी कंपनी अमारा राजा ने लक्ष्य रखा है कि 2027 तक वह बड़े स्तर पर EV बैटरी सेल का उत्पादन शुरू कर देगी। इस मामले में कंपनी Ola Electric के बाद दूसरी बड़ी प्लेयर बन सकती है। शुरुआत इस साल छोटे स्तर पर होगी, जहां कंपनियां अपने प्रोडक्ट के सैंपल बाजार में टेस्ट के लिए देंगी। इसके बाद 2027 में 2 GWh की पहली गीगाफैक्ट्री से बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। खास बात यह है कि शुरुआत में फोकस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर रहेगा।
कंपनी सिर्फ एक ही सेगमेंट पर निर्भर नहीं रहना चाहती। इसलिए बैटरी का इस्तेमाल पावर टूल्स, लॉन मशीन और अन्य उपकरणों में भी किया जाएगा। इससे जोखिम कम रहेगा और मांग भी बनी रहेगी। उधर, Tata Group की कंपनी Agratas भी गुजरात में अपना प्लांट लगा रही है और उसी समय के आसपास बाजार में उतर सकती है।
अमारा राजा ने 2032 तक करीब 10,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी पहले 16 GWh क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रही थी, लेकिन अब मांग बढ़ने के कारण इसे और बढ़ाने की संभावना भी देख रही है। हालांकि, कच्चे माल की उपलब्धता और तकनीक अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
कंपनी ने हाल ही में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। देशभर में 50,000 से ज्यादा टेलीकॉम साइट्स पर 1 GWh की लिथियम बैटरी तैनात की जा चुकी है। यानी कंपनी सिर्फ योजना नहीं बना रही, जमीन पर काम भी दिखा रही है।
पहले कंपनी का पूरा फोकस EV यानी मोबिलिटी पर था, लेकिन अब उसने अपनी रणनीति बदल दी है। अब 16 GWh क्षमता को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। आधा EV के लिए और आधा एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) के लिए। यह कदम भविष्य को देखते हुए उठाया गया है, क्योंकि आने वाले समय में बिजली स्टोरेज की मांग भी तेजी से बढ़ने वाली है।
अमारा राजा के शेयर में आज भारी तेजी देखी जा रही है। बुधवार दोपहर कंपनी का शेयर बीएसई पर 14.26 फीसदी या 110 रुपये की बढ़त के साथ 883 रुपये पर ट्रेड करता दिखाई दिया। इस शेयर का 52 वीक हाई 1095.90 रुपये है। वहीं, 52 वीक लो 671.45 रुपये है।