Vedanta के शेयर में दिख रही 65% गिरावट असल नुकसान नहीं, बल्कि डीमर्जर के बाद का तकनीकी एडजस्टमेंट है। निवेशकों को नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे।
Vedanta share price: अगर आपने आज वेदांता लिमिटेड का शेयर देखा होगा, तो पहली नजर में झटका लगना तय था। करीब 65% की गिरावट… लेकिन सच्चाई यह है कि यह गिरावट असली नुकसान नहीं, बल्कि सिर्फ एक तकनीकी बदलाव है। दरअसल, कंपनी ने अपना बड़ा डीमर्जर लागू किया है। यानी अब वेदांता एक नहीं, बल्कि कई हिस्सों में बंट चुकी है। ऐसे में पुराने शेयर की कीमत से नई कंपनियों का वैल्यू अलग कर दिया गया, जिससे शेयर का दाम नीचे दिख रहा है।
डीमर्जर के बाद शेयर “एक्स-डिमर्जर” आधार पर ट्रेड होने लगा। आसान भाषा में समझें तो अब पुराने शेयर में उन चार नए बिजनेस का हिस्सा शामिल नहीं है, जो अलग कंपनियों के रूप में लिस्ट होंगे। इसलिए कीमत कम दिख रही है, लेकिन निवेशक का कुल पैसा वहीं का वहीं है। बस अब वह अलग-अलग कंपनियों में बंट जाएगा।
इस बदलाव को संतुलित करने के लिए एक्सचेंज ने सुबह 9:15 से 9:45 बजे तक स्पेशल प्री-ओपन सेशन रखा। इसके बाद 10 बजे से सामान्य ट्रेडिंग शुरू हुई। शेयर 289.50 रुपये पर खुला और दिन में 271.50 रुपये तक भी गया। लेकिन यह गिरावट पिछले 773.60 रुपये के क्लोजिंग से तुलना करने पर ही बड़ी दिखती है।
कंपनी ने कहा है कि शेयरधारकों को कोई नुकसान नहीं होगा। 1:1 के अनुपात में उन्हें नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे। यानी आपके पास जितने Vedanta के शेयर हैं, उतने ही हर नई कंपनी के भी मिलेंगे।
डीमर्जर के बाद Vedanta का बिजनेस पांच हिस्सों में बंट गया है। ये पांच कंपनियां हैं- वेदांता एल्यूमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता आयरन एंड स्टील और मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड। डीमर्जर के पीछे उद्देश्य यह है कि हर बिजनेस अपने दम पर आगे बढ़े और उसका सही वैल्यू सामने आए।
डीमर्जर के साथ-साथ कंपनी के नतीजे भी जबरदस्त रहे हैं। Anil Agarwal की अगुवाई वाली कंपनी ने मार्च तिमाही में 9,352 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज हुआ। यह 89% की बढ़त है। कंपनी की इनकम 51,524 करोड़ रुपये रही। EBITDA 18,447 करोड़ रुपये रहा। साथ ही कंपनी ने 44 फीसदी का स्ट्रांग मार्जिन दर्द किया है। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 11 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा भी की है।