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अमेरिका के बाद मलेशिया से होने जा रही भारत की बड़ी डील, गेमचेंजर साबित होगा PM Modi का यह दौरा

Bilateral Trade: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 फरवरी से मलेशिया के अहम दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना और वहां रह रहे 28 लाख भारतीय मूल के लोगों के साथ रिश्ते मजबूत करना है।

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Feb 04, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo - IANS)

Kuala Lumpur Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी 2026 को मलेशिया के बेहद अहम दौरे पर जा रहे हैं। यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN) में भारत की बढ़ती ताकत और 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) की एक बड़ी परीक्षा है। पीएम मोदी (PM Modi Malaysia Schedule 2026)और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम (Anwar Ibrahim Modi Summit) की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस मुलाकात के मायने व्यापार (India Malaysia Trade Volume) से लेकर समंदर की सुरक्षा तक जुड़े हुए हैं।

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पीएम मोदी वहां क्यों जा रहे हैं? (The Agenda)

मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की पकड़ मजबूत बनाना है। मलेशिया, आसियान (ASEAN) देशों में भारत का एक प्रमुख साझेदार है।

सेमीकंडक्टर और तकनीक: मलेशिया चिप मेकिंग और सेमीकंडक्टर का हब है। भारत चाहता है कि मलेशियाई कंपनियां भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में निवेश करें।

डिजिटल पेमेंट्स: भारत के UPI और मलेशिया के PayNet को जोड़ने पर अंतिम मुहर लग सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच लेन-देन आसान होगा।

डिफेंस डील: भारत अपने स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' और ब्रह्मोस मिसाइल के लिए मलेशिया को एक संभावित खरीदार के रूप में देख रहा है।

आयात-निर्यात का गणित: कौन किस पर निर्भर? भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 अरब डॉलर (सालाना) के आसपास है।

मलेशिया से भारत क्या खरीदता है (Palm Oil Import Policy) ?

भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा 'पाम ऑयल' (Palm Oil) मलेशिया से खरीदता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक चिप्स, पेट्रोलियम गैस और क्रूड ऑयल का आयात होता है।

भारत मलेशिया को क्या बेचता है (Export)?

भारत से मलेशिया को मुख्य रूप से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद, एल्युमिनियम, मांस (Meat), चीनी, और दवाइयां निर्यात की जाती हैं।

भारत को क्या फायदा होगा ?

इस दौरे से भारत को सबसे बड़ा फायदा 'खाद्य सुरक्षा' और 'ऊर्जा' में होगा। पाम ऑयल की सप्लाई चेन सुधरने से भारत में खाने के तेल की कीमतें स्थिर रह सकती हैं। वहीं, रक्षा समझौतों से भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलेगा।

दोनों देशों के बीच व्यापार का गणित

आपकी रसोई से लेकर टेक्नोलॉजी तक भारत और मलेशिया के रिश्ते आम आदमी की जिंदगी से सीधे जुड़े हुए हैं।

28 लाख भारतीयों का 'दूसरा घर'

मलेशिया में भारत की सबसे बड़ी ताकत वहां रहने वाले भारतीय मूल (PIOs) के लोग हैं। मलेशिया की कुल आबादी में करीब 7-8% हिस्सेदारी भारतीयों की है, जिनकी संख्या लगभग 27 से 28 लाख है। ये लोग वहां की राजनीति और अर्थव्यवस्था में रसूख रखते हैं। पीएम मोदी का यह दौरा इन प्रवासी भारतीयों (Diaspora) के साथ रिश्तों को और भावनात्मक मजबूती देगा। साथ ही, भारत में रहने वाले मलेशियाई छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए भी वीज़ा नियमों को आसान बनाने पर चर्चा हो सकती है।

भारत -मलेशिया: डिफेंस और सुरक्षा (Tejas Aircraft Deal Malaysia)

चीन पर नकेल : कूटनीतिक लिहाज से यह दौरा चीन के लिए भी एक संदेश है। मलेशिया, मलक्का स्ट्रेट (Malacca Strait) के मुहाने पर बसा है, जो दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग है।

तेजस एयरक्राफ्ट: भारत अपने स्वदेशी फाइटर जेट 'तेजस' (Tejas) मलेशिया को बेचना चाहता है। हालांकि, मलेशिया ने पहले कोरियाई जेट्स में रुचि दिखाई थी, लेकिन भारत अब भी डिफेंस मेंटिनेंस और स्पेयर पार्ट्स की डील के लिए जोर लगा रहा है।

समुद्री सुरक्षा: दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागिरी के बीच भारत और मलेशिया समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) बढ़ाने पर एक बड़ा पैक्ट साइन कर सकते हैं।

पुराने कड़वे अध्याय का अंत

कुछ साल पहले, जब महातिर मोहम्मद मलेशिया के प्रधानमंत्री थे, तब कश्मीर मुद्दे और सीएए (CAA) पर उनकी टिप्पणियों से दोनों देशों के रिश्ते 'कोल्ड स्टोरेज' में चले गए थे। भारत ने तब मलेशियाई पाम ऑयल का आयात घटा कर सख्त संदेश दिया था, लेकिन अनवर इब्राहीम के सत्ता में आने के बाद से हवा बदल गई है। अब दोनों देश 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' की ओर बढ़ रहे हैं।

मलेशिया आसियान में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मलेशिया आसियान देशों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस दौरे के बाद द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़ कर 25 अरब डॉलर तक पहुंचने का रोडमैप तैयार होगा।" वहीं, मलेशियाई थिंक टैंक का मानना है कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था मलेशिया के लिए एक बड़ा बाजार है जिसे वे खोना नहीं चाहेंगे।

कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे

पीएम मोदी 7 फरवरी को कुआलालंपुर पहुंचेंगे, जहां उनका 'सेरेमोनियल वेलकम' होगा। 8 फरवरी को दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी और कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। नजर इस बात पर रहेगी कि क्या दोनों देश 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' (FTA) की समीक्षा करने पर सहमत होते हैं या नहीं।

टूरिज्म और सीधी उड़ानें

भारतीय पर्यटक मलेशिया जाना बहुत पसंद करते हैं। हाल ही में मलेशिया ने भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा दी थी। इस दौरे पर पीएम मोदी भारत के टियर-2 शहरों (जैसे लखनऊ, जयपुर, कोच्चि) से कुआलालंपुर के लिए और अधिक सीधी उड़ानों (Direct Flights) की मांग रख सकते हैं, जिससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।

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