ईरान में चल रहे प्रदर्शनों के कारण भारत के चावल निर्यात पर असर पड़ रहा है। इससे बासमती चावल के भाव गिर गए हैं। भारतीय एक्सपोर्टर्स को पेमेंट में देरी हो रही है और अनिश्चितताएं बढ़ गई हैं।
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ऐलान किया कि ईरान के साथ ट्रेड करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया जाएगा। अगर यह फैसला लागू हुआ तो भारत समेत दुनिया के कई देशों पर इसका असर पड़ेगा। या तो इन देशों को ईरान से कारोबार बंद करना पड़ेगा या अमरीका में इन्हें ज्यादा टैरिफ चुकाना होगा। चीन, यूएई के साथ भारत-पाकिस्तान जैसे कई एशियाई देश और जर्मनी-इटली, तुर्की जैसे कुछ यूरोपीय देश ईरान के साथ कारोबार करते हैं। ऐसे में ट्रंप के इस फैसले का असर इन देशों पर पड़ेगा। चूंकि इटली-जर्मनी जैसे ईयू के देश बड़ी मात्रा में अमरीका को एक्सपोर्ट करते हैं, ऐसे में ये देश ईरान का रास्ता भूल सकते हैं।
सबसे बड़ी दुविधा चीन और यूएई के सामने है, जिनका ईरान के साथ भी बड़ा व्यापार है और अमरीका के साथ भी। ऐसे में इनके लिए किसी एक को चुनना भारी पड़ रहा है। भारत के साथ भी ऐसी ही स्थिति है।
इस बीच ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते भारत के चावल एक्सपोर्ट पर असर पड़ना शुरू हो गया है। इससे घरेलू कीमतों में गिरावट आई है। निर्यातकों को पेमेंट में देरी, अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन ने निर्यातकों से ईरानी कॉन्ट्रैक्ट्स पर जोखिमों का फिर से आकलन करने और सुरक्षित पेमेंट सिस्टम अपनाने का आग्रह किया है।
चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 25% अतिरिक्त टैरिफ से चीन पर सीधा आर्थिक दबाव पड़ेगा। नया टैरिफ यूरोप को ईरान के साथ अपने रिश्तों पर दोबारा सोचने को मजबूर कर सकता है। तुर्की की ऊर्जा जरूरतों पर असर डाल सकता है। यूएई ईरान का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। दुबई ईरानी सामान के लिए बड़ा री-एक्सपोर्ट हब है। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान जैसे देश भी ईरान से व्यापार करते हैं।
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल-नवंबर के दौरान ईरान को 46.81 करोड़ डॉलर का 5.99 लाख टन बासमती चावल निर्यात किया। ईरान भारत के लिए बासमती चावल एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन है। ईरान में अशांति से पिछले एक हफ्ते में ही बासमती चावल की किस्म 1121 की घर्लू कीमत 85 रुपये प्रति किलो से घटकर 80 रुपये हो गई है। जबकि 1509 और 1718 किस्मों की कीमतें 70 रुपये प्रति किलो से घटकर 65 रुपये प्रति किलो हो गई है।