Budget 2019 में हो सकता है आयुष्मान भारत योजना में संशोधन बढ़ाई जा सकती है लाभ पाने वाले परिवारों की संख्या इंश्योरेंस की रकम में भी किया जा सकता है इजाफा
नई दिल्ली: देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitaraman ) आज बजट 2019 पेश करेंगी। पूरा देश वित्त मंत्री साहिबा की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। हर सेक्टर की तरह हेल्थ सेक्टर ( Health Care sector ) भी इस बजट से कई सारी उम्मीदें रखे है। अगर कहा जाए कि बजट में होने वाली घोषणाएं हेल्थ सेक्टर के लिए उम्मीद ही नहीं जरूरत हैं तो गलत नहीं होगा। दरअसल सरकार हर बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए करोड़ों रूपए खर्च करती है लेकिन हमारे देश में स्वास्थ्य सुविधाएं आज भी आईसीयू ( icu ) में नजर आती है, चमकी बुखार से चंद दिन में सैकड़ों बच्चों की मौत हो या एंबुलेंस के अभाव में अपने परिजनों के शव को अपने कंधो पर ढ़ोने की खबर या अस्पताल पहुंचने के बावजूद डॉक्टर की तवज्जो का इंतजार करते मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं की नाजुक हालत को बयान करते हैं।
चमकी बुखार ने देश का किया बुरा हाल
अभी हाल ही में बिहार का एक बड़ा इलाका चमकी बुखार ( Encephalitis Disease ) की चपेट में आ गया था जिसकी वजह से एक ही हफ्ते में सैकड़ों बच्चों की मौत हो गई थी। इस बुखार की वजह से खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई थी। ना सिर्फ बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश में भी हेल्थ सेवाओं का यही हाल है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। चमकी की वजह से डेढ़ सौ से ज्यादा मासूमों को जान गंवानी पड़ी। इस बुखार की वजह से पता चला कि अस्पताल में मरीजों के लिए बेड नहीं है साथ ही एम्बुलेंस भी गिनी चुनी ही हैं जिनकी वजह से मौतों का आंकड़ा बढ़ता चला गया।
आयुष्मान भारत योजना में हो सकता है संशोधन
आयुष्मान भारत के लिए सरकार ने 1200 करोड़ रुपए का फंड रखा गया था जिसे बदलकर और ज्यादा किए जाने की उम्मीद है। इस योजना का मकसद 10 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाना था और उन सभी का 5 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस करने का लक्ष्य था। अब इस योजना में लाभ पाने वालों की संख्या का लक्ष्य 10 करोड़ परिवारों से बढ़ाया जा सकता है ऐसे में देश में हेल्थ सेवाओं को बढ़त मिलेगी और गरीब लोगों के लिए गंभीर बीमारियों का खर्च उठाना और ज्यादा आसान हो जाएगा।
Budget 2019: जानें हेल्थ केयर सेक्टर को निर्मला सीतारमण से क्या हैं उम्मीदें