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Gold, Stock Market और Real Estate ने पिछले 10 वर्षों में कब कितना दिया रिटर्न?

Best Investment Strategy: पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले एसेट में फिर से निवेश करना हमेशा सही नहीं होता। एक्सपर्ट्स बताते है कि रीबैलेंसिंग और डाइवर्सिफिकेशन ही लंबे समय में जोखिम कम करने और बेहतर रिटर्न पाने का सबसे कारगर तरीका है।
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Jul 25, 2026
Investment Tips
सिर्फ पिछले रिटर्न के आधार पर निवेश योजना नहीं बनानी चाहिए। (PC: Pixabay)

Gold Investment: कहीं भी निवेश करने से पहले लोग अक्सर पिछले वर्षों का रिटर्न देखते हैं। वे पिछले रिटर्न की तुलना करते हैं और उस एसेट में पैसा लगाते है, जिसने पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न दिया हो। लेकिन जरूरी नहीं है कि जिस एसेट ने पिछले साल सबसे ज्यादा रिटर्न दिया हो, वह इस साल भी अच्छा रिटर्न दे।

हर साल बदल जाता है सबसे बेहतर निवेश

फंड्सइंडिया (FundsIndia) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में सोने ने 75.9 फीसदी रिटर्न देकर 1 लाख को करीब 1.76 लाख बना दिया था। लेकिन 2026 में अब तक सोना करीब 2.9 फीसदी गिर चुका है। इसी तरह 2022 में अमेरिकी शेयर भारतीय निवेशकों के लिए सबसे कमजोर निवेश रहे, लेकिन 2023 में वही सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बन गए। 2026 में अब तक भी अमेरिकी शेयर सबसे आगे हैं, जबकि भारतीय शेयर बाजार लगभग 8.1 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल है।

2015 से 2026 तक किसने कितना रिटर्न दिया

वर्षगोल्ड (%)भारतीय शेयर बाजार (%)रियल एस्टेट (%)
2026*-2.9-8.1
202575.911.923.8
202429.110.128.6
202315.221.34.7
202211.85.79.1
2021-2.825.63.6
202027.716.13.0
201921.513.56.1
20188.04.25.7
20175.830.30.6
201611.04.47.6
2015-7.7-3.02.2
Source: FundsIndia (*साल 2026 का अब तक का प्रदर्शन)

पिछला रिटर्न नहीं देता भविष्य की गारंटी

फंड्सइंडिया के CEO ऋषभ गर्ग का कहना है कि किसी फंड का एक साल का रिटर्न उस समय के बाजार, सेक्टर और निवेश शैली पर निर्भर करता है। इसलिए केवल एक साल के प्रदर्शन के आधार पर भविष्य का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। कंपनी के रिसर्च के मुताबिक, टॉप-क्वार्टाइल (सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले 25 फीसदी) फंड में से सिर्फ़ 4 में से 1 फंड ही अगले तीन सालों तक टॉप-क्वार्टाइल में बना रहता है।

निवेश करने के लिए अपनाए यह तरीका

एक्सपर्ट्स के अनुसार निवेश को अलग-अलग एसेट्स में बांटना, लंबे समय में जोखिम कम करने का सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। पूरा पैसा केवल एक जगह लगाने के बजाय भारतीय शेयर, विदेशी शेयर, सोना और डेट जैसे अलग-अलग विकल्पों में निवेश करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर किसी साल एक एसेट कमजोर प्रदर्शन करता है, तो दूसरा अच्छा रिटर्न देकर नुकसान की भरपाई कर सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमभरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
25 Jul 2026 02:24 pm
Published on:
25 Jul 2026 02:20 pm